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सैयदना साहब के संरक्षण और मार्गदर्शन में 414 जोड़ो के सामुहिक विवाह का अभिनव आयोजन हुआ ।

मेघनगर । दाऊदी बोहरा समाज के वरिष्ठ पंडित मुस्तफ़ा आरिफ व अली असगर बोहरा ने जानकारी देते हुवे बताया कि सोमवार 8 सितंबर 2025 को दाऊदी बोहरा समाज के धर्म गुरू डाक्टर (त. उ. स). सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब के संरक्षण और मार्गदर्शन में 414 जोड़ो के सामुहिक विवाह का अभिनव आयोजन हुआ । मुंबई के बद्री महल, सैफी महल और सैफी मस्जिद में सम्पन्न इस समारोह में संपूर्ण विश्व से पधारे युवक युवतियों ने भाग लिया। जिनका निकाह सैयदना साहब सहित उनके शहज़ादो ने संपन्न कराया। दाऊदी बोहरा समाज की रस्मे सैफी एक सामूहिक विवाह प्रथा है, जो इस समुदाय की सामाजिक और धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह आयोजन दाऊदी बोहरा समुदाय के आध्यात्मिक नेता, सैयदना साहब के मार्गदर्शन में होता है। इसका उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विवाह को सुलभ और सम्मानजनक बनाना है।

रस्मे सैफी की शुरुआत 51 वें दाइउल मुतलक डाक्टर सैयदना ताहिर सैफुद्दीन के ज़माने शुरू हुआ और 52 वें दाइउल मुतलक डाक्टर सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन (रि अ)के ज़माने परवान चढ़ा। रस्मे सैफी न केवल विवाह को आसान बनाती है, बल्कि समुदाय में एकता, सहयोग और धार्मिक मूल्यों को भी मजबूत करती है।

सामूहिक विवाह

रस्मे सैफी में कई जोड़े एक साथ विवाह बंधन में बंधते हैं। यह आयोजन सामुदायिक एकता को बढ़ावा देता है और विवाह के खर्चों को कम करता है।

संगठन और सहायता

इस प्रथा में समुदाय और धार्मिक संगठन जोड़ों को वित्तीय सहायता, कपड़े, आभूषण और अन्य आवश्यक वस्तुएं प्रदान करते हैं।

सादगी और समानता

 रस्मे सैफी में सादगी पर जोर दिया जाता है, ताकि सभी जोड़े बिना आर्थिक बोझ के विवाह कर सकें।

धार्मिक महत्व

विवाह समारोह इस्लामी और बोहरा परंपराओं के अनुसार होता है, जिसमें निकाह की रस्में सैयदना या उनके प्रतिनिधि द्वारा संपन्न की जाती हैं।

सामाजिक प्रभाव 

यह प्रथा सामाजिक समावेश को बढ़ावा देती है और दहेज जैसी प्रथाओं को हतोत्साहित करती है। दाऊदी बोहरा समाज की वरिष्ठ पत्रकार इंदौर निवासी बिटिया रशीदा हुसैन और इकबाल पीठावाला के बेटे हातिम का निकाह मारिया के साथ शहजादा हुसैन भाई साहब के हाथो सम्पन्न हुआ। इस निकाह विधि में सम्मिलित होने का सौभाग्य मुझे मिला। अल्लाह ताला ऐसे आदर्श आयोजन के संयोजक 53वें दाइउल मुतलक डाक्टर सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब की उम्र ताक़यामत दराज करें। आमीन सुम्मा आमीन।

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