भियाँ सभी को राम राम..!
लो भियाँ में फिर आ गिया कुछ कहीं अनकही के साथ..!
क्या भियां रायकुमारी चल रेली है… अब वो भी दावेदारी कर रिये है… जिनकी लुगाईयां भी उनको वोट नी दे… कुछ तो लुगाईयों की तरह बुरा मानने वाले है… एक शराब माफिया औरतों की चप्पलों मार खा खा कर अब जिलाध्यक्ष बनने के सपने देख रिया है… खैर कमलगटटों का बोलबाला है… लक्ष्मी यंत्रों के दम पर सब कुछ हो सकता है…!
लेकिन भियां अंदर खानों की ख़बर से पता चल रिया है कि जो मेघनगर में जो ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री मिली थी.. उसका मुख्य संरक्षण भी जिलाध्यक्ष बनने की दावेदारी कर रिया है.. भियाँ जिन केमिकल फेक्टियों के विरोध में हिंदू जनजाति संगठन लड़ रिया है.. उन फैक्ट्रियों का सरक्षक भी येईज है.. तभीज तो भियाँ सरकारी अमला कारवाई नी कर रिया है..! भियाँ ये वोईज है जिसने अवैध बायोडीजल का काम पिटोल में खूब किया जब प्रशासन ने इसके अवैध कारोबार पर नकेल कसना चाही तो भियाँ इसने अपने आकाओं से कह कर खूब चमकाया.. अब भियाँ सोचो ये रुपयों के दम पर मुख्य सरगना जिला अध्यक्ष बनने माँग रिया है.. अगर ये बन गिया तो भियाँ अभी तो मेघनगर में ड्रग्स की फैक्ट्री मिली है.. फिर तो पूरा जिला उड़ता पंजाब बन जाएगा.. अवैध कारोबार का जिला गढ़ बन जाएगा और फेक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल और गैस से तरह तरह की बीमारियों होगी लोग मारने लगेंगे.. लेकिन किसी को कोई फरक नहीं पड़ेगा.. क्यूंकि जिलाध्यक्ष इनका सरक्षक होगा.. इसका सबसे ज़्यादा प्रभाव ग़रीब आदिवासियों पर पड़ेगा.. लेकिन आलाकमान को क्या फरक पड़ता है.. उन्हें तो लक्ष्मी यंत्र चाहिए..
ख़ैर भियाँ सब चल रिया है.. पर भियाँ ऐसा लग रिया है कि लक्ष्मी यंत्रों के दम पर सब कुछ हो सकता है… अगर ये बनता है तो अभी तो जिला शराब के लिए बदनाम है फिर तो न जाने किस किस अवैध कारोबार के लिए जाना जायेगा…।
अब अब जा रिया… लेकिन जाते जाते एक बात और बिता दुं…. लोगों से जमीन के नाम पर भी इसने खुब खेल खेला है… अब आला कमान कमल गटटों को ध्यान देना होगा… लक्ष्मी यंत्रों के दम पर ऐसे व्यक्ति को जिलाध्यक्ष बनाकर जिले को बदनाम करना है… या फिर जिले का नाम रोशन करना है… अब जा रिया जय राम जी की।