Homeअलीराजपुरसड़क दुर्घटनाओं की मॉनिटरिंग करने एवं सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के...

सड़क दुर्घटनाओं की मॉनिटरिंग करने एवं सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित  फतेह क्लब मैदान के कार्नर पर शार्प टर्न आता है जिससे दुर्घटना होने की संभावना बढ़ती है – समिति 

मनीष अरोडा 

अलीराजपुर । सुप्रीम कोर्ट द्वारा मोटरयान अधिनियम 1988 के अतंर्गत सड़क दुर्घटनाओं की मॉनिटरिंग करने एवं सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए गठित जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक कलेक्टर डॉ अभय अरविंद बेडेकर एवं पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास की अध्यक्षता में आयोजित की गई ।

इस बैठक में जिला क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्रीमती कृतिका मोहटा ने हिट एंड रन प्रकरण , रोड़ पर निराश्रित गौवंश के विस्थापन , जिले में अत्यधिक दुर्घटना हॉट स्पॉट , जिले में दुर्घटना संबंधित प्रकरणों के उपलब्ध ट्रॉमा सेंटर ,पार्किग समस्या , ओवरलोडिंग की समस्या , सड़क संकेतक की उपलब्धता के विषय में जानकारी दी । पुलिस अधीक्षक श्री व्यास ने बताया कि जिले में 07 हिट एंड रन प्रकरण प्राप्त हुए है जिनमें 2 लाख तक की आर्थिक सहायता पीडित अथवा परिवार को प्राप्त होती है। उन प्रकरणों के संबंध में तहसीलदार एवं थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया है ताकि आर्थिक सहायता सही समय पर उपलब्ध कराई जा सकें ।

कलेक्टर डॉ बेडेकर ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा 100 से अधिक गौवंश को गौशालाओं में विस्थापित किया गया उन्होने निर्देशित किया की इस प्रकार की गतिविधि लगातार की जाए ताकि सड़क दुर्घटना प्रतिरक्षा और गौवंश सुरक्षा भली भांति की जा सकें।

फतेह क्लब मैदान के कार्नर पर शार्प टर्न आता है जिससे दुर्घटना होने की संभावना बढ़ती है – समिति 

शहर में दुर्घटना प्रभावित हॉट स्पॉट की समीक्षा करने पर ज्ञात हुआ कि राक्सा तिराहा पर कई सड़क दुर्घटना के मामले सामने आए है जिसमें पीडितों की जान भी गई है। इस पर समिति में आम राय बनी की फतेह क्लब मैदान के कार्नर पर शार्प टर्न आता है जिससे दुर्घटना होने की संभावना बढ़ती है इसलिए अगर फतेह क्लब मैदान की दीवार को कॉर्नर पर सी शेप में किया जाए तो वाहनों को मोड़ लेने में आसानी होगी और जिले के नागरिकों को दुर्घटना जैसी परिस्थितियों से निजात मिलेगी।कलेक्टर डॉ बेडेकर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि रोड के निकट स्थिति विद्यालयों , छात्रावास एवं आश्रमों की सूची उपलब्ध कराएं ताकि उक्त स्थान पर सड़क सुरक्षा संकेतक, आवश्यकता के अनुसार स्पीड ब्रेकर या रंबल स्ट्रिप निर्मित किया जा सके ताकि बच्चों को सड़क दुर्घटना से सुरक्षित किया जा सकें।

कलेक्टर डॉ बेडेकर ने बैठक के दौरान बताया कि जिले में वाहन ओवरलोडिंग की समस्या व्याप्त है , जिस पर अंकुश लगाना अति आवश्यक है। पुलिस अधीक्षक श्री व्यास ने समस्त पुलिस विभाग एवं यातायात विभाग को निर्देशित किया की एक अभियान चलाकर ओवरलोडिंग वाहन को नियंत्रित करने के लिए कार्यवाही की जाए ।

कलेक्टर डॉ बेडेकर ने सड़क दुर्घटना प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि शहर में सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण ओवर स्पीडिंग के साथ सड़कों का सकड़ा होना है । इस स्थिति में सुधार के लिए रेहड़ी एवं फल सब्जी विक्रेता को एक तय स्थान पर विस्थापित किया जाना चाहिए एवं थोक सब्जी विक्रेताओं के लिए एक वैकल्पिक स्थान तय किया जाना चाहिए ताकि सड़कों पर यातायात सुचारू रूप से किया जा सकें। बैठक के अंत में कलेक्टर डॉ बेडेकर ने निर्देशित किया कि जिले की सभी व्यावसायिक एवं स्कूल बसों का फिटनेस सर्टिफिकेट एवं अन्य जरूरी दस्तावेजों की जॉच की जाए और दस्तावेज की कमी होने पर सख्त कार्यवाही की जाए । इस दौरान डिप्टी कलेक्टर एवं डूडा प्रभारी श्री जीपी अग्रवाल , जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ देवेन्द्र सुनहरे , जिला शिक्षा अधिकारी श्री अर्जुन सिंह सोलंकी सहित जिला सड़क सुरक्षा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!