रिंगनोद:-(योगेशगवरी) शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय पोसिया के शिक्षक सेवानिवृत्त सहायक अध्यापक तुलसीराम वर्मा को पूरे संकुल केन्द्र की ओर से भावभीनी विदाई दी गई। विदाई समारोह के मुख्य अतिथि स्वयं सेवानिवृत्त प्रधान अध्यापक तुलसीराम वर्मा विशिष्ट अतिथि, पूर्व रिटायर्ड प्राचार्य एनएस सारेल ज़िला अध्यक्ष म. प्र तृतीय श्रेणी कर्मचारी संघ धार कैलाश चौधरी प्राचार्य सोना मौर्य विशेष आमंत्रित अतिथि पूर्व विधायक वेलसीह भुरिया के आतिथ्य में संपन्न हुआ। वर्मा को घोड़े पर बिठाकर ढोल मादल के साथ नृत्य प्रस्तुत करते हुए अतिथियों सहित मंचासीन कर सांस्कृतिक वादन एवं गायन के साथ उनका अभिनंदन किया। संकुल रिंगनोद की विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षक शिक्षिकाओं बच्चे, पालक, शिक्षा समिति के सदस्यों, ग्रामीणों एवम अतिथियों ने सेवानिवृत्त सहायक अध्यापक तुलसीराम वर्मा एवं पुष्प माला से आत्मीय अभिनंदन और स्वागत किया।

कार्यक्रम में रिटायर्ड प्राचार्य एनएस सारेल ने सेवानिवृत्त शिक्षक के जीवन पर प्रकाश डाला। और बताया कि 1989 में शिक्षकीय जीवन की शुरुआत की ओर अपने निरंतर शैक्षणिक दायित्व का निर्वहन करते हुए 35 वर्ष पूर्ण करने के बाद सेवानिवृत्त हुए। मौर्य ने कहा कि सामाजिक क्षेत्र से जुड़े रहकर सरल मृदुभाषी व्यवहार के साथ लोगों के बीच अपनी सादगी पूर्ण जीवन के लिए अलग पहचान बनाई है। उनका उच्च एवं आदर्श विचार तथा मैत्रीपूर्ण व्यवहार लोगों को प्रभावित करता रहा है। चौधरी ने कहा कि वर्मा सदेव बच्चों के बीच पिता तुल्य सहयोगात्मक अधिगम को प्रदर्शित करते रहे हैं। अध्यापन में हमेशा बच्चों की आने वाली व्यवहारीक एवं सैद्धांतिक समस्याओं का सहजता के साथ समाधान करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए हमेशा तत्पर रहे हैं। विदाई समारोह में सेवानिवृत्त सहायक अध्यापक तुलसीराम वर्मा को विद्यालय परिवार संकुल के शिक्षक मध्यान भोजन समिति, संकुल की सभी कन्या माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला के शिक्षकों एवम छात्र-छात्राओं एवं भुरिया परिवार नयापुरा, ग्रामीणजनो एवम नगर पत्रकार संघ द्वारा शाल श्रीफल पुष्प माला एवम स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका स्वागत अभिनंदन किया गया। तुलसीराम वर्मा ने अपने शैक्षिक जीवन के बिताए पलों को स्मरण करते हुए कहा कि यह पल मेरे लिए अमूल्य है। बच्चों पालकों और शिक्षकों के बीच बताएं पल मुझे जीवन पर्यंत याद रहेंगे, इस अवसर पर शाल परिसर में वर्मा द्वारा पौध रोपण भी किया गया।