जरा वीडियों में देखों तो सही…!
किस तरह से खुलेआम चल रहा है तितली भवरे और सटटे का खेल…!

झाबुआ। सटटे जुए और तितली भवरे का मकडजाल ऐसा फैला हुआ है कि इसके जाल में जो फंसा वो बाहर निकल नही पाया है… 1 का 10 की लालच में हर कोई बर्बाद हो रहा है… ऐसे में इन सटोरियों के चक्कर में कोई भी आसानी से फंस सकता है… ऐसे में पारा क्षेत्र में सटटे जुए और तितली भवरे का गौरख धंधा जमकर फलता फुलता जा रहा है… यहां खुले आम सटोरिये इस गौरख धंधे को चला रहे है… सुत्र बताते है कोई रोशन नाम का युवक इस काले कारोबार को कर रहा है… बडी बात तो यह है कि पारा का कोई पुलिस कर्मी के रोशन मुंह लगा हुआ है… जो पीछले तीन वर्षो से पारा ही पदस्थ है…. और इस गौरख धंधे की चौकी प्रभारी को भनक ही नही है… ये गौरख धंधा नदी किनारे और सुने खेतों में चल रहा है… सुत्र बताते है… कि ये पुलिस कर्मी चौकी प्रभारी को भी कुछ नही समझता है… और एक लाख में इनका तोड हुआ है… उच्च अधिकारी तक की सेटिंग की बात भी हुई है… तभी तो ये सटोरिया लोगों को ये कहता फिरता है… एसपी साहब तक हमारी सेटिंग है… एसपी साहब भी हमारा कुछ नही करेंगे… कुछ दलाल भी इसमें शामिल है तो पुलिस कप्तान से अपनी सेटिंग होने की बात कह रहे है। यहां तो ये कहावत चरितार्थ हो रही है जैसे एक मछली पुरे तालाब को गंदा करती है… वैसे है एक रिश्वतखोर पुलिस कर्मी की वजह से पूरी पुलिस कौम परेशान हो रही है… अब देखना यह है… कि पुलिस अधीक्षक इस ओर ध्यान देते है या फिर दलाल जो नगर में घुम फिर कर कह रहे है कि हमारी पुलिस कप्तान से सेटिंग है वो बात सही है…! क्योंकि यहां पुलिस की छवि धुमिल हो रही है और पुलिस की छवि धुमिल करने वालों पर कार्रवाई होना जरूरी है…! इस संबंध में एसपी साहब को पुलिस अधीक्षक महोदय को सोशल मीडिया पर हमारे द्वारा अवगत करवाया जा चुका है।
बाकि अगले अंक में…!