दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा क्षेत्र के ग्राम बड़ा भावटा की खराडिया फलिया और उच्वास फलिया की सड़क ग्राम कालियावाव की मावड़ा फलिया की सड़क ग्राम छोटा खुटाजा की स्कूल फलिया और वरसिंह फलिया से गुजरने वाली सड़क,ग्राम विनत नदी की पुलिया, ग्राम बिना की अधूरी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क जो सीधे लिलु उमरी पंचायत भवन से ग्राम बेहडवा सीधे निकलती है जिनका निर्माण या जिनकी सुध लेने के लिए अलीराजपुर जिले भर में कोई नेता जनप्रतिनिधि या कोई अधिकारी और कर्मचारी है ही नही जनता के काम और जनता की समस्याओं का समाधान करने की किसी को भी परवाह नही बस बड़े बड़े नेताओं की गुलामी और जिले भर से आ रहे सभी योजनाओं के कमिसन से ही इस जिले के नेताओ अधिकारियों और कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को विकास दिखाई दे रहा है जबकि जनता आज भी बिजली पानी सड़क और अच्छे इलाज और रोजगार के लिए दर दर भटक रही है लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं पंचायतों में भी कोई मनरेगा का कार्य हो रहा है तो वो भी जेसीबी से ही रातों रात तालाब पूर्ण कर लिए जाते है जब कोई कार्यवाही के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को शिकायत भी करता है तो उसकी ही परेड ले ली जाती है और धमकियां दे दी दी जाती है की अबकी बार की तो किसी प्रकरण में फसा कर तुझको ही अंदर करवा दूंगा यह शब्द सरपंचों और जनप्रतिनिधियों नेताओ और अधिकारियों और कर्मचारियों के होते है ।जिसके बाद किसी भी पंचायत में बिना सरपंच के जु तक रेंग कर गांव से बाहर तक नही जाती लेकिन जैसे आजादी के 76 वर्षो बाद भी इस सड़को और पुलियाओं का निर्माण नही किया जाता तो फिर नेता और अधिकारी और कर्मचारी अपने पिताजी को खुश करने के लिए बड़े बड़े मंच सजाकर झुटी विकाश यात्राएं क्यों निकालकर कमिसन छाप पोर्टल और एजेंसियों में वाह वाही छपवा देने से विकास कितना हुवा है उसकी सच्चाई जनता और गरीब आदिवासियो को पता नही चलती है

क्या फिर भी नेता अधिकारी और कर्मचारी और जनप्रतिनिधि अपनी कमिसन और झूठ की दुकान के सहारे जनता को बेवकूफ और उल्लू बनाए जा रहे है अशिक्षा और अज्ञानता के कारण आज अलीराजपुर जिले का प्रत्येक ग्राम पिछड़ा हुवा है उसमे बाहर से आए अधिकारियों और कर्मचारियों का ही दोष नही है यहां जिले भर के नेताओ और जनप्रति निधियों के भी पेट अब बड़े हो चुके है जिनमे करोड़ों रूपयो का जब तक भोग ना लगे तब तक उनको संतुस्थि मिलती ही नही जिले की हर पंचायत सरपंच और सचिव और सहायक सचिव लगातार घोटाले कर लेते है और जिला पंचायत अधिकारियों को कुछ कमिसन देकर फिर ट्रांसफर लेकर फिर से बहाल हो जाते है ।कार्यवाही करे तो करे कोन जिनको कार्यवाही और देख रेख और निगरानी के लिए सरकार ने भेजा है वो अधिकारी और कर्मचारी कभी किसी गांव में बिना अपनी मर्जी से कहा निकलते है निकलते भी है तो कमिसन की तलाश में की किस को आज रगडू जनता को अब जाग जाना चाहिए और चापलूसी छोड़ इन सभी नेताओ और अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे सवाल पूछना चाहिए और अपने ग्रामों की सभि समश्याओ के लिए जो भी युवा साथी जो किसी भी संगठन या व्यक्तिगत जनता की आवाज जनता के हित के लिए उठा रहा है उसका सहयोग कीजिए और उसको मजबूत कीजिए साथ ही उसका हर समय सहयोग कीजिए जिससे देश समाज और अपना जिला विकसित जिला बन सके लेकिन आज मुझे यह देखना है की जो जो भी ग्राम की समस्याएं मेने खबर के माध्यम से नेता जनप्रतिनिधि और अधिकारी और कर्मचारियों के सामने रखी है कभी उनको याद आ जाए उनका कर्तव्य जिनके लिए जनता अपना टैक्स चुकाकर उनको रोटी और रोजगार उपलब्ध करवा रही है तो कही काम हो जाए वॉइस ऑफ झाबुआ जब तक यह समस्याएं जनता की पूर्ण नही होगी तब तक जिले भर के नेताओ अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए खबरे प्रकाशित करता रहेगा आगे यह कार्य पूर्ण होते है या नही वॉइस ऑफ झाबुआ के अगले अंक में पड़ने को मिलेगा।