परिवेश पटेल रायपुरिया। जिले के आसपास के क्षेत्र से आए भारी मात्रा में टमाटर के कारण मंडी के भाव अचानक से गिर चुके हैं वहीं किसान बेहाल हैं आने वाले किसान अपना माल लेकर आते तो है लेकिन उनको भाव नहीं मिल रहे हैं ।

यहां खेतों से मंडी तक का भाड़ा भी नहीं मिल पा रहा है आज किसानों के भाव व्यापारियों की मर्जी से तय हो रहे हैं । वहीं व्यापारियों का कहना है कि आगे टमाटर की डिमांड ही नहीं तो हम लेकर इनको कैसे आगे सप्लाई करें। मांग ओर पूर्ति की चक्की के दो पाटों में पीसा गए किसान। किसानों का कहना है कि हम टमाटर 25 और 30 रुपए प्रति कैरेट 25 किलो के हिसाब से मंडी में व्यापारी लोग खरीद रहे हैं । खेतों से माल लेकर आते हैं तो 25 ₹ से 50रुपए भाड़ा देना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में किसान बेहाल हैं । और बिल लेते समय उनकी आंखों में आंसू करुणा कि झलके रदय विदारक होती हैं। इतनी मेहनत करने के बाद भी किसानों को फायदा नहीं मिल रहा है । माल फ्री में देने के लिए मजबूर हैं भाड़े के रुपए ही मील रहे हैं। समय था कि 150 रूपये किलो टमाटर हो गए थे वहीं आज की स्थिति देखी जाए तो स्थिति बड़ी विकट हो गई। वर्तमान में किसानों की समस्या है ऐसे में उनकी रोजी-रोटी और गुर्जर बसर चलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो गया है । वही और एक सरकार के सर्व नहीं करवा रहे, दूसरी पटवारी बैठे हड़ताल पर आखिर किसान कर तो क्या करें । विधानसभा चुनाव को देखते हुए दोनों पार्टी बीजेपी कांग्रेस के उम्मीदवार अपने-अपने बोर्ड वर्किंग के लिए घूम रहा मगर किसानों का कुछ नहीं कर पा रहे हैं ।