कोन है ये बंटी सोनी जो दूसरे कलाकारों की कर रहा था बेइज्जती।
श्याम कीर्तन के नाम पर खोली लूट की दुकान।
लालची बंटी के कृत्य से श्याम प्रेमी आयोजक हुए नाराज।
मदरानी।
वीडियो में देखें नोक झोंक।
बाबा श्याम के दीवाने, खाटू वाले के लाडले भक्त पिछले डेढ़ दो महीने से बाबा श्याम का भव्य कीर्तन कराने का सपना संजोए बैठे थे। समय बीतता गया वो दिन आ गया वो घड़ी आ गई सभी श्याम प्रेमी बड़े जोर शोर के साथ सम्पूर्ण तैयारिया से शाम करीब साढ़े चार बजे से बाबा की निशान यात्रा में ढोल नगाड़े , डीजे साथ लेकर चल पड़े श्रीराम भक्त हनुमान जी एवम् उनकी वानर सेना , राधे कृष्णा की छवि आकर्षण का केंद्र , बग्गी पर विराजे बाबा श्याम गली मोहल्ले में होते हुए कीर्तन स्थल तक जा पहुंचते हे जहा रंगबिरंगी फूलो से बाबा का भव्य दरबार सजा था। समिति ने मक्सी मध्यप्रदेश के निवासी बंटी सोनी को कीर्तन में अपनी सुमधुर वाणी से बाबा के भजनों की प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया था जो समय पर पधारे कीर्तन पंडाल का निरीक्षण किया कमी पैसी को देखा अपनी चुप्पी साधे रखी और चले गए समिति के सदस्यों के तैयार होने वहा भी चुप्पी साधे रखी। ब्यावरा से पधारी पूजा जी प्रजापत अपनी मधुर वाणी से भक्तो संग बाबा को रिझा रही थी तभी फिर से बंटी सोनी का आगमन होता है बाबा के सामने हाजिरी लगाते हे और चल पड़ते है मंच की ओर मंच पर उपस्थित पूजा प्रजापति जी बंटी सोनी को बड़े भैया कहकर बाबा के भक्तो से परिचय करवाती है और स्वय भी बंटी को हाथ जोडकर प्रणाम करती है परंतु बंटी भाई अपनी मोह माया से लैस युवा गायक कलाकार से ना ही नजरे मिलाते हे और ना ही प्रणाम स्वीकार करते हे। अब समय होता है पूजा जी के मंच छोड़ने का सभी श्याम प्रेमी, साउंड सिस्टम, म्यूजिक सिस्टम, दरबार सेवा वालो को आदर सहित प्रशंसा करती ओर धन्यवाद देती है। बारी आती है बंटी सोनी के माईक धामने की माईक हाथ में लेते हे रावण की तरह अपना अहंकार उभर आता है समिति की तारीफो के पुल बांधना तो दूर की बात भरे पांडाल में सामने कैमरे पर लाइव टेलीकॉस्ट और समिति को अपमानित करता है कहता है आपने ऐसा क्यों किया आपने बाबा को जूते चप्पलों पर बिठाया भाई जब तूने पहली बार आकर पंडाल का निरीक्षण किया था तब क्या देखा था उसी समय समिति के सदस्यों को सचेत कर देना था फिर कहता है में आया उससे पहले यहां कीर्तन नही भजन संध्या चल रही थी अब कीर्तन चलेगा श्री राम भक्त हनुमान जी और उनकी वानर सेना द्वारा बालाजी महाराज के भजनो पर शानदार प्रस्तुति दी जा रही थी राधे कृष्णा जी की वेशभूषा में उपस्थित कलाकारों द्वारा भी प्रस्तुति दी जा रही थी बंटी ने उनको टारगेट बनाना शुरू कर दिया इसकी बातो से आहत होकर कलाकार बीच कीर्तन में ही मंच छोड़ कर जाने को मजबूर हो गए वह तो अच्छा हुआ इसके दिन अच्छे चल रहें थे वर्ना हृदयघात से पीड़ित तो पहले से ही था। अधूरे जीव का कुकर्मी प्राणी मंच पर उपस्थिति होने से पहले ही समिति से अपना लिफाफा पैक करवा लेता है तभी मंच पर चढ़ता है। सीहोर वाले बाबा पंडित प्रदीप जी मिश्रा को आड़े हाथ लेता तो कभी बागेश्वर बाबा पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी को अपमानित करता है। यह तक तो ठीक था बाद में महिलाओं की और इशारा करते हुए कहता है मेरे भजनों पर ताली बजाओ नही तो घर जा सकते हो कीर्तन में बाबा को रिझाने नही चाय नाश्ता करने आते हो । अपने घर की कहानियां सुनाता हे अपने आप को खाटू वाले का कट्टर भक्त बताता है तो सोने चांदी का विक्रेता बताता है। अरे अभी जो होगा वो तेरे घर पर होगा यह रट्टा लगाने से तुझे क्या मिलने वाला था जिस काम के लिए तुझे यहां बुलाया था उससे कही ज्यादा तो तूने पहेलिया सुना दी उल्लंघन की सारी हदें पार कर दी समिति के सदस्यों का पारा चढ़ने लगा जैसे तैसे कर मामला शांत करा वर्ना बंटी को दूसरा हार्ड अटैक यही पर आ जाता। सुना है इससे पहले भी ये झाबुआ जिले में बाबा के कई कीर्तन कर चुका था जैसे भाभरा, थांदला, हरीनगर वहा पर भी इसने हिंदू देवी देवताओं , ईष्ट देव, ओर पितृ देवो के बारे में कमेंट करी थी वहा भी बच निकला था। मदरानी में कीर्तन कराने वाली समिति ने सोचा शायद अब यह अपनी हरकतों से बाज आया होगा यह सोचकर बाबा के दरबार में प्रस्तुति देने आमंत्रित कर दिया। पर किसको पता था कि इसके जहन में वही पुराना वाला जहर अभी तक भरा हे। फिर भी कीर्तन समाप्त होते ही समिति नी बंटी को चारो ओर से घेर लिया और जो बाते कही उसका उचित ठंग से जवाब नही दे पाया समिति ने इसको इतना शर्मशार कर दिया की बाबा की बीच आरती में ही दरबार छोड़ने पर मजबूर हो गया और भाग निकला। शायद ही अब ये किसी अन्य जगह पर जाने से पहले सोचेगा बाबा का सच्चा भक्त होता है वो निस्वार्थ भाव से भजनों की प्रस्तुति देता है ना की किसी के मन के साथ खिलवाड़ करता है। मदरानी के सभी श्याम प्रेमी ये आस लगाए बैठे थे की बंटी सोनी आएगा और कार्यक्रम को सफल बनाएगा परंतु बंटी का कहा पता था कि वो यहां आएगा और असफल होकर जायेगा। कुछ नही है बस इतने तो भक्ति के नाम पर पैसे ऐठने कि दुकान खोल रखी हे बाबा चाहेगा तो बहुत जल्द इसकी ये दुकान बंदी हो जायेगी