मण्डल अध्यक्ष के खिलाफ धारा 353 में गैरजमानती एफआईआर हुई दर्ज
नाम निर्देशन के अंतिम दिन भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रतिद्वंदी का फार्म ले भागा
रिटर्निंग अधिकारी की लापरवाही पर क्या कलेक्टर साहब लेंगे एक्शन?
यह कैसी रिटर्निंग अधिकारी की सुरक्षा?
व्यवस्था टेबल पर रखा फार्म आसानी से लेकर भाग गया गोलू
वॉइस ऑफ झाबुआ
- थांदला। निर्वाचन प्रक्रिया को बाधित करना वह भी रिटर्निंग अधिकारी की मौजूदगी में एक बड़ा सवाल खड़ा करता हे क्या एक जिम्मेदार रिटर्निग अधिकारी जिसे चुनाव प्रक्रिया का पूरा जिम्मा सौंपा गया हो वह इतना लापरवाह हो सकता है।
- यह हे पुरा मामला
- नाम निर्देशन के अंतिम दिन जब दावेदारों ने अपना नामांकन दर्ज करवा रहे थे तभी एक अप्रत्याशित घटना ने सबको चौका दिया। वार्ड क्रमांक 5 से मनीष बघेल ने जैसे ही अपना नामांकन निर्वाचन अधिकारी को जमा कराया तभी उनके विपक्ष में खड़ा हुआ प्रतिद्वंदी संदीप उर्फ (गोलू) रमेशचन्द्र उपाध्याय सहयोगी रिटर्निंग अधिकारी कर्मचारी की टेबल से फार्म लेकर भाग खड़ा हुआ,मामला निर्वाचन आयोग के साथ ही शासकीय कार्य में बाधा का है जबकि मौके पर निर्वाचन अधिकारी सत्ता के दबाव में कोई भी कार्यवाही से इनकार करते दिखे,जब मीडिया ने इस सम्बंध में उनसे जानकारी मांगी तो तानाशाही व्यवहार करते हुए बोलें मेरी मर्जी मुझे नही देना,जबकि आवेदक से इस बारें में संज्ञान ली तो उन्होनें कहा मैंने आवेदन जमा करा दिया है अब सारी जवाबदेही निर्वाचन अधिकारी की बनती है, ऐसे में उन्हें निष्पक्षता से कार्यवाही करना चाहिए। इधर जाने माने अधिवक्ता का कहना है कि निर्वाचन शाखा के कार्य में लापरवाही बरतने वालें कर्मचारी को तत्काल निलंबित किया जा सकता है ऐसे में यदि कोई निर्वाचन अधिकारी की टेबल से कोई आवेदन उनके बिना पूछे उठा लेता है तब भी उन्हें कार्यवाही करने का पूरा अधिकार है ऐसे में आरोपी के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा सकती है यहाँ तक कि उसका आवेदन भी निरस्त किया जा सकता है ऐसे में वह चुनाव लड़ने के लिए अपात्र घोषित हो सकेगा। अभी तक निर्वाचन अधिकारी की स्थिति स्पष्ट नही हो पाई है ऐसे में सोशल मीडिया ने शासन के दबाव में कार्य करने का असर दिखाकर प्रशासन को कटघरे में जरूर खड़ा कर दिया है हालांकि उक्त मण्डल अध्यक्ष के खिलाफ धारा 353 में गैरजमानती एफआईआर दर्ज हो गई है। उक्त गोलू फरार फरार बताया जा रहा है।
