योगेश गवरी

नगर मे प्रति वर्ष के अनुसार इस वर्ष भी ढोल ग्यारस पर्व बड़ी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जिसमें आसपास के क्षेत्र ग्रामीण जन की शामिल हुए ढोल ग्यारस पर्व मनाने का यह कारण है कि इस दिन भगवान नगर भ्रमण करवाया जाता है इस नगर भ्रमण के माध्यम से प्रभु श्री कृष्ण नगर भ्रमण के साथ प्रभु कृष्ण के का जल स्नान करवाए जाता है ऐसी मान्यता है कि प्राचीन समय से ही ढोल ग्यारस का एक विशेष महत्व रहा है यह पर्व पूरे मालवा तथा निमाड़ क्षेत्र में मनाया जाता है और बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है ढोल ग्यारस पर्व ढोल नगाड़ों के साथ प्रभु श्री कृष्ण का नगर भ्रमण करवाया जाता है ऐसा माना जाता है कि श्री कृष्णा को नगर भ्रमण के साथ उनको स्नान करवाए जाता है इसी के साथ और त्यौहार की शुरुआत मानी जाती है नगर में तेजा मंदिर प्रांगण से प्रभु श्री कृष्ण के ढोल का प्रारंभ होता है जो नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए होते हुए योग माया प्रांगण में जहां सभी ढोल की महा आरती और महा प्रसादी का वितरण किया जाता है ढोल श्री चारभुजा नाथ मंदिर श्री योग माया मंदिर सरकारी राम मंदिर राठौर समाज राम मंदिर आदि मंदिरों के ढ़ोल नगर भ्रमण के लिए निकलते हैं जहां सभी सर्व समाज के द्वारा सभी ढोल का स्वागत अभिनंदन किया जाता है इन सभी ढ़ोल का हिंदू उत्सव समिति जनजाति समाज ग्राम पंचायत रिंगनोद आदि के द्वारा स्वागत अभिनंदन किया जाताा है सभी ढ़ोल का मंदिर परिसर के ढोल बांंधकर का पूजन आरती की जाती है और रात्रि भर जागरण किया जाता हैैऔर भजनों के साथ पूरी रात्रि जागरण किया जाता है पूरी रात्रि भक्तिमय हो जाती है