पेटलावद
नगरपंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है कल से नामांकन भरने का दौर शुरु होने वाला है कुल 15 वार्डो के लिए दोनों पार्टी से दावेदार सक्रिय हो चुके खसकर भाजपा में टिकिट के लिए घमासान मचा रहा है हर नेता पार्षद बनना चाह रहा है उम्मीद से ज्यादा दावेदारी भाजपा से नेता लोग कर रहे है वही कांग्रेस को पेटलावद नगरपंचायत चुनाव के लिए वार्डो में प्रत्याशी नही मिल रहे है इतनी बुरी दुर्दशा कांग्रेस की यह हो गई है ऐसे में यहां कांग्रेस दूर दूर तक टक्कर दे सके ऐसा नज़र नही आता ।
चा के बोल
वह नेताओ के चमचे आजकल सोशल मीडिया पर जमकर भिनभीना रहे है सब इतने भावुक है कि बोल रहे है अपने तो भय्य्या की जीत तय है और अग्रिम बधाई दे रहे है… खेर यह चुनाव है यहां सब जायज है बात तो तब बनेगी जब पार्टी टिकिट देगी और चुनाव जीतकर आएंगे…
विकास छोड़ हिंदुत्व रहेगा चुनावी मुद्दा
पेटलावद नगर हमेशा भाजपा का गढ़ रहा है यहां संघ और हिन्दू संगठन काफी मजबूत है यहां धर्म ध्वज लेकर चलने वाले युवा काफी सक्रिय है और लगातार हर वर्ष धार्मिक सामाजिक कार्यक्रमो का दौर इस नगर मर जारी रहता है इस लिए इसे धर्म नगरी भी कहा जाता है इस नगर की सामूहिक एकता अपने आप मे एक मिसाल गए… ओर लगातार इस नगर की जनता भाजपा के पक्ष में वोट करती आई है… जबकि कांग्रेस यहां पर शून्य पर है कारण यह है कि कांग्रेस यहां कोई मजबूत नेता नही उभार पाई न जनता के बीच जाकर उनके काम कर पाई जिस कारण कांग्रेस यहाँ शून्य है… अभी इतना ही…