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सप्त दिवसीय शिवमहापुराण ज्ञान गंगा का आस्था और उत्साह के साथ हुआ समापन

कल्याणपुरा

कल्याणपुरा में आवड़ माता मंदिर प्रांगण में चल रही प. राजेश नगर जी के मुखारबिंद से सप्त दिवसीय शिवमहापुराण ज्ञान गंगा का सोमवार को समापन किया गया।
जिसमे जिसमे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
जिसमें सुबह में सभी यजमानों के द्वारा यज्ञ कर आहुति दी गई जिसके पश्चात शिवमहापुराण का आयोजन कर आवड़ माता मंदिर प्रांगण से नगर के मुख्य मार्ग में होती हुई भव्य शोभायात्रा निकाली गई जिसमें बड़ी संख्याओं में श्रद्धालुओं ने भाग लिया । जिसके पश्चात कथा में आये हुए सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया जिसमें नगर व आस – पास के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए।

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श्री महा पुराण कथा का वाचन अंचल के प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित राजेश नागर महाराज के मुखारविंद से किया गया। जिसका रसपान रोज दोपहर 12 बजे प्रारंभ हुआ।
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शिवलिंग पर जल चढ़ाने मात्र से ही सब अधर्म, पाप पुण्य में बदल जाते हैं – कथावाचक ..राजेश नागर जी

महाराज ने कहा कि अपने जीवन मे कितने भी पाप हो जाए, अधर्म हो जाए उन्हें सही करने के लिए कई पुण्य करना पड़ते हैं। कई देवस्थान पर जाना पड़ता है। कई यज्ञ करना पड़ते हैं। लेकिन महाकाल के चरणों में बाबा के चरणों में शिवलिंग पर जल चढ़ाने मात्र से ही, बिल पत्र चढ़ाने मात्र से ही, आम का फल चढ़ाने मात्र से ही बाबा प्रसन्ना हो जाते हैं और जीवन के जितने भी पाप होते हैं वह नष्ट हो जाते हैं। इस पावन कथा का भक्तों ने बड़ी आत्मीयता के साथ श्रावण किया। साथ ही भक्तों ने जाना की शिवलिंग की महिमा क्या होती है। शिवलिंग की स्थापना क्या होती है। शिवलिंग पर जल क्यों और कैसे चढ़ाया जाता है। किस विधि-विधान से संसार में स्त्री वर्ग और पुरुष वर्ग को पूजा करना चाहिए।

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