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तपती धूप में बैंक के बाहर किसान ऋण लेने के लिए खड़े रहते हैं ग्रामीण किसान

थांदला – कड़कड़ाती धूप में भी सहकारी केंद्रीय बैंक थांदला के बाहर ग्रामीण किसानों की भीड़ दिखाई देती । क्योंकि ग्रामीण किसान अपनी खेती के लिए किसान ऋण की राशि बैंक से लेने के लिए सुबह से आ जाते है बैंक से ऋण लेने का सिलसिला शाम तक चलता है। लेकिन बैंक की तरफ किसानों को सारा दिन बैंक के बाहर पार्किंग स्थल में ही खड़ा रखा जाता है । अब ऐसे गर्मी के मौसम में जहां तापमान 45 डिग्री के आसपास जा रहा है गरीब किसान बाहर अपनी बारी का इंतजार करते हुए खड़े रहते हैं ना कोई पानी का उनके लिए इंतजाम होता है ना कोई बैठने की व्यवस्था आग उगलते बैंक के बाहर बने पार्किंग स्थल पर ग्रामीण किसान जैसे तैसे बैठे रहते हैं और अपनी बारी का इंतजार करते हैं।

वही बात करे बैंक के अन्य खाताधारकों की तो उन्हें बैंक के अंदर जाने की सुविधा दी जाती है लेकिन ग्रामीण किसानों को बैंक के बाहर ही खड़ा रखा जा रहा है ।
इस बात का पता जब थांदला क्षेत्र के आदिवासी समाजसेवी युवाओं को लगा तो उन्होंने तुरंत बैंक पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है और बैंक प्रबंधक से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द ग्रामीण किसानों के लिए टेंट, पानी, व बैठने का इंतजाम किया जाए इस तरीके से आप किसी भी ग्रामीण किसानों को बाहर धूप में तमने के लिए नहीं छोड़ सकते।
फिलहाल बैंक प्रबंधक की ओर से समाजसेवी युवाओं को आश्वासन दिलाया कि जल्द ग्रामीण किसानों के लिए बाहर टेंट, पानी, व बैठने की व्यवस्था कर दी जाएगी।
फिलहाल आदिवासी समाजसेवी युवाओं ने बैंक प्रबंधक की बात मान ली है लेकिन चेतावनी दी है कि अगर जल्द ग्रामीण किसानों के लिए व्यवस्था नहीं की गई तो बैंक के सामने आंदोलन किया जाएगा । आंदोलन की संपूर्ण जिम्मेदारी बैंक प्रबंधक की रहेगी।
किसानों की आवाज उठाने के लिए आदिवासी समाज सेवी युवाओं में मुख्य रूप से समाजसेवी कार्यकर्ता प्रताप कटारा, दिलीप डामोर , दुला भुरिया, शांतु बारिया, रमेश कटारा, रूपसिंह गरवाल, कल्पेश मुणिया, कपिल गणावा, आदि उपस्थित रहे।

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