संवाददाता सुनील खोडे
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पेटलावद। एक और जहां शासन प्रशासन आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले में बच्चों को अच्छा भविष्य देने के उद्देश्य से शिक्षा पर जोर दे रहा है… और श्रम विभाग भी लगातार जिले में अभियान चला कर नाबालिक बच्चों से करवाई जा रही मजदूरी पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहा है। लेकिन बात करें पेटलावद जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत झोसर की तो यहां नाबालिक बच्चों के हाथों में गेती-फावड़े थमा दिए गए हैं और उनसे मजदूरी करवाई जा रही है। दरअसल ग्राम पंचायत झोसर में अटल योजना के तहत 3750000 की लागत से पंचायत भवन का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है, निर्माण कार्य की एजेंसी ग्राम पंचायत है किंतु पंचायत में अघोषित रूप से कांग्रेस नेता जितेंद्र मुणिया को ठेका दे दिया है, जिस बात की पुष्टि खुद सरपंच पति शैतान भूरिया और अघोषित ठेकेदार जितेंद्र मुणिया के द्वारा की गई है जिसके प्रमाण हमारे पास मौजूद है।
सरपंच पति शैतान और अघोषित ठेकेदार जितेंद्र मिलकर नाबालिक बच्चों से काम करवा रहे हैं जब हमारी टीम पंचायत भवन निर्माण स्थल पर पहुंची तो वहां हमने नाबालिक बच्चों को काम करते हुए देखा जब उनसे उनकी उम्र के बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि हम 17 साल के हैं। और स्कूल भी जाते हैं। हालांकि यह जांच का विषय है कि उन बच्चों की उम्र कितनी है और उनसे मजदूरी से पहले उनकी उम्र की जानकारी ली गई या नहीं ली गई। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि एक और जहां नियम विरुद्ध लाखों रुपए की राशि आहरित कर ली गई है वहीं दूसरी ओर नाबालिक बच्चों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ करने का काम किया जा रहा है। सीधे तौर पर अगर देखा जाए तो एक और शासन के रूपयो का दुरुपयोग हो रहा है तो वहीं दूसरी ओर गरीब आदिवासी बच्चों के भविष्य के साथ भी शैतान भूरिया और जितेंद्र मुणिया खिलवाड़ करते हुए नजर आ रहे हैं, उक्त पूरे मामले में पेटलावद जनपद पंचायत सीईओ के द्वारा जांच टीम गठित कर मौका स्थल का निरीक्षण भी करवाया गया है पूरे मामले में अब कार्यवाई का इंतजार है। .पहले भी सरपंच पति शैतान ओर जितेंद्र मुणिया की जोड़ी ने बनाया था घटिया तालाब… पहली बारिश में ही तोड़ दिया था दम… फिर की गई थी लीपापोती….. पढ़िए अगला अंक जल्द…..