वॉइस ऑफ झाबुआ
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पेटलावद। ग्राम पंचायत बोडायता में विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। अब गांव के युवक करण गरवाल ने खुलकर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सरपंच, सचिव और पूर्व सचिव की मिलीभगत से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को पलीता लगाया जा रहा है तथा विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। करण गरवाल का कहना है कि पंचायत में चार लाख रुपये से अधिक की लागत से बनने वाली पानी की टंकी के नाम पर राशि निकाल ली गई, लेकिन मौके पर आज तक टंकी का निर्माण नहीं हुआ। उनका आरोप है कि सरकारी राशि खर्च दिखाकर ग्रामीणों के साथ धोखा किया गया है।

ग्रामीणों ने पंचायत में कराए गए नाली निर्माण कार्यों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का अभाव है और कई कार्यों में वित्तीय अनियमितता की आशंका है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और सचिव की कार्यशैली के कारण शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। ग्रामीणों ने पूर्व सचिव अम्बाराम निनामा के कार्यकाल की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पूर्व में हुए विकास कार्यों की भी जांच की जाए ताकि पंचायत में हुए कथित वित्तीय गड़बड़ियों का खुलासा हो सके। वर्तमान में अम्बाराम निनामा कालीघाटी में पदस्थ हैं, जबकि उनकी पत्नी बोडायता क्षेत्र से जनपद सदस्य हैं।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पंचायत के कई महत्वपूर्ण कार्य समय पर नहीं हो रहे हैं, जबकि पंचायत प्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी अक्सर पंचायत कार्यालय की बजाय होटल और ढाबों पर नजर आते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार पंचायत से जुड़े निर्णय और कार्य भी वहीं से संचालित किए जाते हैं, जिससे पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत बोडायता के सरपंच दिनेश गणावा सरपंच संघ के अध्यक्ष भी हैं। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि उनसे पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की अपेक्षा थी, लेकिन पंचायत में लगातार सामने आ रही शिकायतों ने लोगों का भरोसा कमजोर किया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि पानी की टंकी, नाली निर्माण सहित सभी विकास कार्यों की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले सरपंच, सचिव और पूर्व सचिव के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।