सुनील तोमर आलीराजपुर संवाददाता
बरझर लगातार क्षेत्र में बिना राज्य शासन की अनुमति के बिना डिग्री धारी फर्जी डॉक्टर और फर्जी बंगाली डॉक्टर आदिवासी क्षेत्रों में पांचवीं अनुसूची और पैसा कानून लागू होने के बाद भी आदिवासी क्षेत्रों में बिना अनुमति के निवास करना और बिना डॉक्टर की डिग्री और मध्यप्रदेश राज्य शासन की अनुमति बिना बिना किसी मापदंड या मानक के मानव शरीर में दवाइयों का उपयोग करके अपने घरों में बिना किसी स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी की अनुमति बिना ही हॉस्पिटल और क्लिनिक गली गली खोलकर गैर कानूनी तरीके से इलाज करना और स्ट्राइड जैसे घातक केमिकल का हर प्रकार की बीमारी में छोटे छोटे रूप में दवाइयों के साथ प्रयोग करके इलाज करना काफी घातक है जिसके कारण कल दिनांक 27.02.2026 को आम आदमी पार्टी के प्रदेश सयुक्त सचिव दिलीप सिंह भूरिया ने चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा अनुविभागीय अधिकारी निधि मिश्रा को एक ज्ञापन दिया जिसमें चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा ब्लॉक के साथ गांवों फलियों और मुख्य नगरों में बिना अनुमति फर्जी तरीके से सभी फर्जी डॉक्टर और सभी फर्जी बंगाली डॉक्टरों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जाए क्योंकि यह अनपढ़ है फर्जी डिग्रियों ओर फर्जी दस्तावेज के आधार पर हर गांव गली में इनके द्वारा गरीब आदिवासी अनपढ़ लोगो को अपना शिकार बनाकर सस्ता इलाज देने के बहाने मेडिकल कंपनियों के द्वारा ट्रायल दवाइयों का सीधे आदिवासी समाज के लोगो पर प्रयोग कर दवाई का टेस्टिंग कर दवाई कंपनियों को अपनी दवाई और उसके लिए जो महंगा खर्च आता है उससे बचाने और स्वयं के फायदे के लिए स्ट्राइड जैसे घातक केमिकल के अलावा भी अन्य केमिकल का उपयोग कर मानव शरीर और आदिवासी समाज को खत्म करने की कोशिश की जा रही है जिसके कारण इनके ऊपर कार्यवाही करना बहुत जरूरी है साथ ही इनके द्वारा जो इनके पास डिग्रियां और दस्तावेज है उनकी भी बारीकी से जांच होनी चाहिए क्योंकि कुछ लोग जिनके ऊपर लगातार कार्यवाही हुई है रिपोर्ट दर्ज भी हुई है एक एक फर्जी डॉक्टरों के ऊपर किसी पर एक तो किसी पर तीन तीन और कई फर्जी डॉक्टर अपराधिरियो की तरह महीनों महीनों जेल काट चुके है फिर वापस आलीराजपुर जिले के किसी भी गांव कस्बे से निकलकर अन्य गांव में जाकर वही गोरख धंधा चालू कर देते है जो लोग लगातार वर्षों से बिना डिग्री इलाज कर रहे है और लगातार भाभरा क्षेत्र में निवास करते आए है और किसी भी मेडिकल कॉलेज नहीं जाते और उनके पास फिर डिग्रियां कहा से आई क्या कोई बड़ा सिंडिकेट तो इनके द्वारा चालू नहीं हो जो लगातार आदिवासी क्षेत्रों में फर्जी डॉक्टरों द्वारा क्लीनिक और हॉस्पिटल खोलकर अंधी कमाई की जा रही हैं।

दिलीप सिंह भूरिया सयुक्त सचिव आम आदमी पार्टी मध्यप्रदेश से मोबाइल से जब चर्चा हुई तो उनका कहना है कि सारे बंगाली डॉक्टर फर्जी तरीके से आदिवासी अनुसूचित क्षेत्रों में निवास कर रहे है और उनके आधार पेन कार्ड राशन कार्ड वोटर कार्ड भी आदिवासी क्षेत्रों में पैसा कानून के तहद नहीं बन सकते जिन्होंने बनाए और सभी फर्जी डॉक्टरों के ऊपर बिना राज्य शासन की अनुमति बिना हॉस्पिटल और क्लिनिक चलाने के कारण जिला कलेक्टर और सभी प्रशासनिक अधिकारियों को इनके ऊपर रासुका की कार्यवाही करनी चाहिए क्योंकि यह बिना अनुमति मानव शरीर को लेबोरेटरी बनाकर उनपर सीधे नई दवाइयों का प्रयोग दवाई कंपनियों के इशारे पर कर रहे है साथ ही इनको दवाई उपलब्ध करवाने वाले बड़े छोटे मेडिकल स्टोर साथ ही दवाई कम्पनियों के एजेंटों को भी चिन्हित कर उनके ऊपर भी वैधानिक कार्यवाही कर उनके सभी के मैडिकल के लायसेंस की निलंबित कर देना चाहिए साथ ही बिना डिग्री इलाज बिना अनुमति फर्जी डिग्री की बारीकी से जांच होनी चाहिए साथ ही सभी फर्जी डॉक्टरों की जब तक जांच पूरी ना हो तब तक सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज देना चाहिए ।क्योंकि यह अरबों रुपयों की काली कमाई करते है जिसमें दवाई कंपनी मेडिकल संचालक साथ ही यह फर्जी डॉक्टर की आय की कोई सीमा नहीं और यह कोई टैक्स भी सरकार को नहीं देते और इनके द्वारा जो भी कमाई होती है उससे टैक्स भी सीधे चोरी हो रहा है ।।