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धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने वाले के खिलाफ छात्र-छात्राओं के माता-पिता ने दिया आवेदन 

झाबुआ डेस्क 

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झाबुआ। शासकीय कर्मचारी द्वारा अनुसूचित जनजाति के नाबालिक छात्राओं को धर्मांतरण हेतु प्रेरित व पद का दुरुपयोग करने पर उचित कार्रवाई करने की मांग को लेकर आहत छात्राओं के माता-पिता आवेदन सौंपा

पीड़ित परिवार ने दिया आवेदन..

 श्रीमती बबीता डाबी हॉस्टल अधीक्षक आवासीय कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास रोटला रामा  उपरोक्त विषयान्तर्गत में नम्र निवेदन है कि अनुसूचित जनजाति आवासीय कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास अधीक्षक श्रीमति बबीता डाबी द्वारा छात्रावास में नाबालिक छात्राओं को धर्मांतरण प्रेरित करने की कोशिश की जा रही, और अपने पद पर रहते हुए नाबालिक छात्राओं को धर्मांतरण हेतु दबाव बनाया गया व जबरन उनकी इच्छा के विरुद्ध छात्राओं को यीशु मसीह की प्रार्थना करवाना व बाइबिल पढ़ने पर मजबूर किया गया और वह नहीं करने पर उन्हें हॉस्टल से निकाल देने की धमकी देना व हॉस्टल में नहीं रहने देने की धमकी दी जाती रही जिसके कारण छात्राओं को मानसिक रूप प्रताड़ित करना जिसके चलते लगभग यह 10 से 12 छात्राओं द्वारा हॉस्टल छोड़ दिया गया। हॉस्टल अधीक्षक के उक्त कृत्य सामाजिक मानसिक एवं शैक्षणिक रूप से अत्यंत संवेदनशील स्थिति में है’ शासकीय पद पर रहते हुए इस प्रकार का आचरण संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना बाल संरक्षण के सिद्धांतों तथा धर्मनिरपेक्ष भावना जनजाति समुदाय के संवैधानिक अधिकारों का घोर उल्लंघन है।

जो मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के अंतर्गत कड़ी अपराधिक व विभागीय कार्यवाही करने हेतु मध्यप्रदेश स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 शासकीय कर्मचारी द्वारा बलपूर्वक, प्रलोभन देकर धोखाधड़ी, दबाव डालकर पद/प्रभाव का दुरुपयोग कर धर्मपरिवर्तन कराया जाता है तथा प्रयास किया जाता है तो धारा 3 के अंतर्गत 1 से 5 वर्ष का कारावास व 25,000 हजार तक का जुर्माना व धारा 5 विशेष श्रेणी में (महिला/नाबालिक/sc/st/का किए जाने पर 2 वर्ष से 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं 50 हजार तक का जुर्माना धारा 6 सामूहिक धर्मान्तरण ताकि एक से अधिक व्यक्तियों का धर्मांतरण कराया गया हो तो 5 से 10 वर्ष का कारावास 1,00000 लाख तक का जुर्माना का प्रावधान है तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत पद का दुरुपयोग धर्मनिरपेक्षता के विरुद्ध आचरण सरकारी सेवा की गरिमा भंग किया गया है जो धारा 3,4,5, एवं 6 का अपराध है। जिसके संबंध में साक्ष्य ज्ञापन के साथ संलग्न है। अतः श्रीमान जी से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद झाबुआ यह मांग करता है, कि श्रीमती बबीता डाबी हॉस्टल अधीक्षक पर उचित व वैधानिक कार्रवाई करते हुए निम्न धराओं में एफ.आई.आर हो साथ पद से बर्खास्त किया जाए।

2:- जिले में ऐसे और शैक्षणिक संस्थानों इस प्रकार की गतिविधि न हो।

3:- जिले में ऐसे आवासीय छात्रावासों में अधीक्षकों का कार्यकाल 3 वर्ष हो अधिक समय होने पर इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम न दे ।

अभाविप यह मांग करता है उक्त मांगो पर पूरी कर आरोपी श्रीमती बबीता डाबी पर कठोर कार्रवाई हो अन्यथा सम्पूर्ण हिन्दू समाज व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की रहेगी।

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