दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा में थाने का सौंदर्यकरण किया गया जिसमें एक दिव्यांग युवक प्रताप पिता मोती निवासी कालियावाव की कृषि भूमि जिसका सर्वे क्रमांक 1628 है जिसकी कृषि भूमि जबरन थाना प्रभारी ने रातों रात सड़क और जबरन तार जाली तथा पक्की सीमेंट की दीवार बनाकर जबरन कब्जा कर लिया है लेकिन एक सवाल यह जनता पूछना चाहती है कि इस थाने का सौंदर्यकरण किस किस दान दाताओं की राशि से हुआ है । और उनके क्या क्या नाम है साथ में उनके क्या क्या नाम है । और जो लोग धार्मिक कामों में आज भी 1 हज़ार से ज्यादा की रशीद नहीं करवाते हो लाखों का चंदा कैसे दे गए थाना प्रभारियों को और इस कांड की एक और विशेष बात की यह सौंदर्यकरण बिना किसी राज्य शासन की अनुमति से बिना बजट के किया गया है ।।ना ग्राम पंचायत की अनुमति और ना ही नगर परिषद से और ना ही जिला कलेक्टर से कोई लिखित अनुमति नहीं है ।साथ ही कोई राशि पुलिस विभाग से जारी हुई है हुई भी थी तो उसका थाने का फर्नीचर अंदर की फर्स तथा थाने के रंग रोगन के लिए 6 लाख रुपए आए थे वो संपूर्ण खर्च हो गए इसके अलावा थाना परिसर की दीवार बनाने में लगभग 22 से 23 लाख रुपए का खर्च आया होगा जिसने प्रताप मोती की भी कृषि भूमि पर दीवार और तार फेंसिंग निर्माण का खर्च भी शामिल है। थाना प्रभारी जनता को अवगत करवाए कि आप ने इतनी बड़ी राशि कैसे दानदाताओं से मांगी उनमें से कितने दानदाता गैर कानूनी तरीके से कम करने वाले है ।साथ ही वह अवैध कामों का क्षेत्र में संचालन करते है ।क्या आपने उनसे क्षेत्र में अवैध कामों का संचालन क्षेत्र में होने देने के लिए वह राशि ली और ली तो कितनी कितनी वो लोग राशि कहा से लाए क्या उन्होंने इसका इनकम टैक्स अदा किया है या नहीं कि नहीं साथ हो वो कौन से उनके अवैध काम जिन्हें क्षेत्र में दिन रात संचालित करवाने लिए आपको वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मौन स्वीकृति दी है ।।क्योंकि पूरे जिले के अधिकतर थानों और पुलिस चौकियों का एक समय और एक साथ सौंदर्यीकरण किया गया है ।।सूत्रों के हवाले से खबर है कि आदिवासी एक्ट्रोसिटी में प्रकरण दर्ज नहीं होगा इस बात को लेकर की आरोपी से कितनी थैली सीमेंट और कितने हजार रुपया लिया गया ।उस पुलिस अधिकारी का नाम और कब कहा से राशि तथा किसके यहां से सीमेंट ली उसकी जानकारी है हमारे चैनल के पास साथ ही अवैध बस संचालकों साथ ही अवैध शराब विक्रेताओं तथा उनके सप्लायरों से ही मासिक बंदी कितनी मांग की जाती है ।उसकी ऑडियो भी हमारे पास मौजूद साथ ही उन शराब ब्लेकर के भी नाम उस ऑडियो में है जो क्षेत्र में अवैध शराब का दिनरात विक्रय पुलिस की निगरानी और उनके संरक्षण से करते है ।।।