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सैलाना विधायक डोडियार गोंडवाना में कहा प्रशासनिक व्यवस्था फेल, बुजुर्ग प्रभारी मंत्री से नहीं संभल रहा शहडोल, छोड़ दें दायित्व – कमलेश्वर डोडियार तो क्या खनन एवं भू-माफिया हिस्ट्रीशीटर चला रहे जिला….?

शहडोल। रतलाम जिले की बहुचर्चित सैलाना विधानसभा से विधायक कमलेश्वर डोडियार का 28 जनवरी से मध्यप्रदेश के कई जिलों के भ्रमण पर है। जहां शोषित पीड़ित आदिवासियों की हक की आवाज बुलंद करने निकले हैं, यह भ्रमण खास तौर से युवा आदिवासियों की लिए जनजागरण अभियान है इसके मद्देनजर गुरुवार से ब्यौहारी और शहडोल में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। इसके उपरांत शुक्रवार संभागीय मुख्यालय शहडोल में पत्रकारवार्ता में पत्रकारों से मुखातिब हुए। और उन्होंने सर्वप्रथम जिले में फेल प्रशासनिक तंत्र को लेकर चिंता जताई, और अल्पकालिक दौरे पर आए विधायक श्री डोडियार ने ना सिर्फ जिले की नब्ज़ टटोली बल्कि इन सब अव्यवस्थाओं के लिए उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला को जिम्मेदार ठहराया उन्होंने कहा उपमुख्यमंत्री शहडोल के प्रभारी मंत्री हैं, और बेलगाम बढ़ते अपराध के लिए उनकी जवाबदेही बनती है। आदिवासी बाहुल्य इलाकों में आदिवासियों का शोषण हो रहा अब तो आदिवासी छात्राएं छात्रवास से गायब हो रही है। आदिवासियों की पुश्तैनी जमीन पर शोरूम तन कर हड़प ली जा रही है, शिकायत के बावजूद अधिकारी दोषियों कार्यवाही करने की जगह बचाने में लगे हुए हैं। जानबूझकर सरकारी तंत्र हाथ में हाथ धरे बैठा है जैसे की शहडोल की सरकार भू-माफिया हिस्ट्रीशीटर चला रहे हैं। विधायक कमलेश्वर डोडियार ने वर्तमान कलेक्टर को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह कलेक्टर साहब एक साथ 18 पत्रकारों का जिला बदर करने को आतुर दिखे, और हिस्ट्रीशीटर बदमाशो को एक साल से ज़िला बदर करने में पसीना आता हैं। नोटिस नोटिस का खेल चल रहा है जिला बदर आरोपी को लूट-पाट हत्या करने की छूट कलेक्टर ने देंकर रखी है, वहीं कलेक्टर देवलोद से समाजसेवी और अवैध खनन के विरुद्ध आवाज उठाने वाले का जिला बदर करते हैं लेकिन मामले में हाईकोर्ट ने दंडित किया है। यह सब उपमुख्यमंत्री को कैसे नहीं दिखाई दे रहा है इससे साफ है जिले में लॉ एंड ऑर्डर माफियाओं के इशारे पर काम कर रहा है।

इसकी एक मात्र वजह यह है प्रभारी मंत्री बुजुर्ग हो चुकें और उनके प्रभार का जिला शहडोल उनसे नहीं संभल रहा है। विधायक श्री डोडियार ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें शहडोल के जिले का प्रभार का मोह छोड़ देना चाहिए। और उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को त्वरित संज्ञान लेते हुए किसी भी युवा विधायक को शहडोल का पालक मंत्री नियुक्त करते हुए जिम्मेदारी दी जानी चाहिए ताकि जनता को भयमुक्त वातावरण प्रदान किया जा सके। वहीं उन्होंने कहा है कि जिले में अकूत खनिज संपदा है जिसका वर्षों से दोहन किया जा रहा है। खनन माफियाओं की दहशत हावी है अवैध रेत खनन को लेकर पटवारी, एएसआई की हत्या कर दी गई। हालही में तहसीलदार की टीम को ललकारने और थाना ब्यौहारी के सामने पुलिस कर्मियों को धमकाने का वायरल विडियो दर्शाता है कि प्रशासनिक तंत्र फेल हो चुका है। जब पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर कमिश्नर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की रक्षा नहीं कर पा रही है तो दबे कुचलें गरीब बेबस आदिवासियों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा इसके लिए हमारी भारत आदिवासी पार्टी की टीम जिले भर में सर्वे कर रही है हम आदिवासियों के हक में डाका डालने वाले लोगों को चिन्हित करके डीजीपी को पत्र लिखकर कार्यवाही की मांग करेगे एवं ज़रूरत पड़ने पर सड़कों पर उतर कर आंदोलन और विधानसभा स्तर पीड़ितो शोषितो की आवाज बनेंगे। गौरतलब हो कि मध्यप्रदेश के रतलाम की सैलाना विधानसभा सीट से विधायक कमलेश्वर डोडियार का शहडोल सहित चार दिवस दौर के उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी और होशंगाबाद जिलों में है। विधायक कमलेश्वर डोडियार अपने कार्य के प्रति समर्पित हैं और बाखूबी अपने समाज का दर्द महसूस करते हैं और उसमें लगातार बदलाव लाना चाहते है।

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