दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा थाना प्रभारी की काली करतूत जग जाहिर होने के बाद जब जमीन मामले का पीड़ित परिवार का सदस्य प्रताप मोती थाना प्रभारी से मिलने थाने दो दिन बार गया तो उनका कहना है तुम्हारे पिताजी की जमीन हो तो यहां से उठाकर लेकर जावो नहीं तो में तुमको जेल भेज दूंगा और चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा में थाना दिवान जी हाड़ा ने भी पीड़ित युवक प्रताप को मारने और तुम जमीन किसी को भी बेच दो हिम्मत है मार मार के भूत बना दूंगा बोला और एक अन्य पुलिस कर्मचारी ने यह से निकल जा नहीं तो जिंदा नहीं जाएगा जैसे शब्द कहे जिसके बाद पीड़ित युवक प्रताप न्याय मांगते हुवे अनुविभागीय अधिकारी चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा पहुंचा उसके बाद उन्होंने उनको न्याय संगत जवाब देते हुवे चंद्रशेखर आजाद नगर तहसीलदार को सीमांकन का आवेदन देने की बात कही आवेदन के पश्चात उन्होंने नियम के साथ राजस्व निरीक्षक और पटवारियों की पूरी टीम बनाकर सीमांकन किया साथ ही वहीं खड़े रहकर चुने की लाइन डलवाई और टीम सीमांकन कर अपने विभाग चली गई पीड़ित पक्ष के परिवार नेसाथ सीमेंट के खंभे लगाए और वह अपने अपने घर चले गए जिसके बाद रात भर में थाने के सामने स्थित होने के बावजूद सीमेंट के खंभे उखाड़ कर फेक दिए और वाहनों को पीड़ित परिवार की कृषि भूमि पर पार्क कर जबरन अतिक्रमण कर रहे है

थाना प्रभारी चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा साथ ही पीड़ित प्रताप की कृषि भूमि पर बड़े बड़े लोहे के खंभे लगाकर जालियां लगा दी उसकी कृषि भूमि में बीते दो दिनों में दिन रात मशीनों से दीवारें और पक्की सड़क का भी निर्माण करवा दिया ।।पीड़ित पक्ष का मामला जब स्थानीय स्तर पर न्यायलय में और पीड़ित पक्ष न्याय मांग रहा है ।फिर भी थाना प्रभारी प्रताप के अलावा तीन और भूमि धारकों की जमीन को अपने दादागिरी से जमीन जो कब्जा कर चुके है पूर्व में सोहन बामनिया पटवारी के प्लॉट है उनकी प्लॉट की 15 फिट के लगभग जमीन थाने के अंदर कर ली जो पटवारी स्थानीय तहसील में रह चुके है और एक विनोद की प्लॉट है जो बरझर के निवासी है उनके भी 15 बाय 30 के प्लॉट के बीचों बीच दीवार खींचने के उनके प्लाट दो हिस्सों में बाट दिया ।एक और जनपद अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा के मामा के 30 बाय 60 के प्लॉट है उनकी प्लॉट की भी 15 बाय 60 जमीन पर थाना प्रभारी बिना अनुमति के दीवार बनाकर कब्जा कर चुके है ऐसे कई और प्लॉट धारक है जिनकी भूमि भी कब्जा कर चुके है जो बाहर है उनको अभी तक पता ही नहीं है ।। प्रताप मोती का कहना है कि थाने की भूमि अलग है और मेरे परिवार की कृषि भूमि अलग है ।फिर भी थाना प्रभारी दादागिरी से जबरन जमीन पर कब्जा कर रहे है इनकी नियुक्ति हुवे 11 महीने ही हुवे है और मेरे परिवार के पास 40से 42 वर्षों से काबिज और ऐसे ही पड़त पड़ी है मेरे सभी परिवार के 10 से भी ज्यादा लोगों के हिस्से की सम्मिलित जमीन है हमारे परिवार के लोग यहां अब कैसे इस जमीन को ले सकेंगे थाना प्रभारी अपनी वर्दी और अपनी दादागिरी से कानून का डर दिखाकर मुख से जमीन छीन रहे है ।।।अब में उम्मीद किस्से करूं क्योंकि मेरी मदद कोई भी आदिवासी संगठन भी नहीं कर रहा है ।।जब तक हिम्मत होगी तब तक में न्याय मांगूंगा ।।