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धर्म से प्रेम एवं परिवार से स्नेह रखें – आचार्य जिनसुंदर सूरीश्वर जी  प्रभु प्रतिमा, घर के मुख्य द्वार पर अवश्य होनी चाहिए यह मंगल मंदिर है-आचार्य श्री  2 दिवसीय ज्ञान शिविर हुआ प्रारम्भ

झाबुआ डेस्क 

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झाबुआ। परम पूज्य आचार्य-सम श्री चंद्रशेखर विजय जी महाराज साहब के शिष्य आचार्य भगवंत श्री जिनसुंदर सुरीश्वर जी महाराज साहब 12 साधु भगवंत के साथ स्थानीय श्री रिषभदेव बावन जिनालय के पोषध भवन में गुजरात की ओर विहार करने के दौरान पधारे इस अवसर पर श्रीसंघ द्वारा धर्मसभा का आयोजन किया गया।

धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य भगवंत ने कहा कि 

मानव की नजर स्वार्थ की जब हम धर्म के पक्ष में होते हैं प्रभु भक्ति करते हैं तो प्रभु अत्यंत प्रसन्न होते हैं विगत भावो में हमने जो पुण्य किए उनके प्रतिफल हमें यह मानव जीवन प्राप्त हुआ है जीवन की दो बातें १.धर्म के प्रति स्नेह प्यार अर्थात सर्व विधि धर्म अपनाना और धर्म दो प्रकार का होता है प्रथम सामायिक प्रतिक्रमण आदि करना द्वितीय आचरण मे चुस्तता लाना परिवार के प्रति स्नेह रखना जिससे आदर्श परिवार आदर्श मंदिर, संस्कार मंदिर बनेगा,एवं मन मंदिर बन जाता है।

 कर्म नहीं दिखाई देते शब्द नहीं दिखाई देते फिर भी हम उनके अनुमोदना करते हैं अनुपालन करते हैं जैसे हम बल्ब जलाने के लिए स्विच चालू करते हैं तो करंट वायर के माध्यम से पहुंचकर बल्ब को चालू कर देता है प्रकाश फैल जाता है जिस प्रकार हम करंट को देख नहीं पाए ठीक हम उसी प्रकार परमात्मा को अपनी चक्षुओं से देख नहीं पाते किंतु अनुभव कर सकते हैं गुरु दक्षिण की के रूप में परम पूज्य गुरु श्री ने श्रावक श्राविकाओं को भी प्रवचन में लाने हेतु प्रेरणा प्रदान करने को कहा है गुरुदेव ने पांच प्रकार के मंदिर क्षेत्र होने का वर्णन क्या है यह बताया

श्रावकों को अपने गृह प्रवेश द्वारा पर प्रभु की मूर्ति स्थापित करने को कहा है जिसे मंगल मंदिर के नाम से उपमा प्रदान की गई है इस हेतु प्रथक से विधि-विधान एवं पूजन करने हेतु निश्चित किया जाएग। गुरु वंदन की क्रिया श्रावकरत्न श्री धर्मचंद जी मेहता ने करवाई। साधर्मिक भक्ति का लाभ राजेंद्र कुमार जी राकेश कुमार जी मेहता परिवार द्वारा लिया गया।

ज्ञान शिविर का हुआ आयोजन

श्री बावन जिनालय उपाश्रय पर दो दिवसीय बाल शिविर का आयोजन प्रारंभ हुआ जिसके अंतर्गत शनिवार को प्रथम दिवस पूज्य मुनि भगवंत ने दोपहर 2 से 4 बजे तक बच्चों को ज्ञानार्जन कराने के साथ ही जीवन जीने की उत्तम कला के बारे में समझाया। शिविर में 25 से अधिक बच्चे उपस्थित थे।

रविवार को होगे आयोजन

श्री संघ के अशोक कटारिया ने बताया कि रविवार को सुबह 9.30 बजे से पुज्य आचार्य भगवंत के प्रवचन होंगे एवं दोपहर को 2 बजे से बच्चों का ज्ञान शिविर का आयोजन किया जाएगा। श्रावक वर्ग के लिए रात्रि प्रवचन-8.15 से 9.15 तक होगे।

 श्री संघ के संजय मेहता , अनिल रुनवाल,मनोज नाकोडा, डॉ.ज्ञानचंद मेहता , मुकेश रुनवाल, वीरेंद्र सकलेचा,पंकज मेहता,रत्नदीप सकलेचा, मुकेश लोढ़ा, अंतिम जैन उल्लास जैन, प्रकाश कटारिया, सौरभ पोखरना, रचित कटारिया, रिंकू रुनवाल, राजेश मेहता सुनील राठौर शैलेश शाह नरेंद्र संघवी हेमेंद्र संघवी नितिन सकलेचा प्रीतेश मेहता आदि बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाएं उपस्थित थे

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