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प्रोजेक्ट हनीफार्मिंग : कलेक्टर का नवाचार, किसानों के लिए मीठी आमदनी का सशक्त मॉडल कलेक्टर ने प्रोजेक्ट हनीफार्मिंग के तहत युवा कृषक गोविन्द अंजना के खेत का भ्रमण किया

कलेक्टर नेहा मीना की अभिनव पहल प्रोजेक्ट हनीफार्मिंग के तहत जिले में मधुमक्खी पालन को वैकल्पिक आय के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में 17 दिसम्बर 2025 को जिले के चयनित कृषकों का एक दल तीन दिवसीय भ्रमण एवं प्रशिक्षण हेतु नीमच जिले भेजा गया, जहां कृषकों ने मधुमक्खी पालन की वैज्ञानिक तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्राप्त किया। कलेक्टर की पहल पर उद्यानिकी विभाग के माध्यम से आयोजित इस प्रशिक्षण के उपरांत कृषकों ने मधुमक्खी पालन प्रारंभ किया। जिले में कुल 16 मधुमक्खी बॉक्स के साथ हनी फार्मिंग की शुरुआत की गई है, जिसमें रामा क्षेत्र के तीन कृषकों को 12 बॉक्स, ग्राम टेमरिया में 2 बॉक्स तथा मोई वागेली में 2 बॉक्स प्रदान किए गए हैं। एक मधुमक्खी बॉक्स की लागत लगभग 6 हजार रुपये है। मधुमक्खी पालन प्रारंभ करने के उपरांत इस माह के अंत तक कृषक शहद प्राप्त कर सकेंगे।

        इसी नवाचार के अंतर्गत पेटलावद तहसील के ग्राम टेमरिया में युवा कृषक श्री गोविन्द अंजना द्वारा भी दो मधुमक्खी बॉक्स प्राप्त कर मधुमक्खी पालन किया जा रहा है। कलेक्टर नेहा मीना ने आज उनके खेत का भ्रमण कर मधुमक्खी पालन की प्रक्रिया का अवलोकन किया तथा कृषक से संवाद कर अनुभव साझा किए  कृषक श्री गोविन्द अंजना ने बताया कि वे पूर्व में जैविक रूप से गेहूं एवं अमरूद की खेती कर रहे थे। नीमच प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मधुमक्खी पालन की वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त हुई। प्रारंभ में मधुमक्खियों के काटने एवं संभावित नुकसान को लेकर आशंका थी, किंतु प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन से उन्होंने आत्मविश्वास के साथ इस नवाचार को अपनाया। कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि हनीफार्मिंग कम लागत में अधिक लाभ देने वाला नवाचार है। यह भूमि कम होने पर भी अपनाया जा सकता है जो सीमांत कृषकों के लिए महत्वपूर्ण पहलू है। इससे किसानों को शहद उत्पादन के साथ-साथ परागण के माध्यम से फसलों की उत्पादकता भी बढ़ती है। यह जैविक कृषि को प्रोत्साहन देता है और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि का माध्यम बन सकता है। हमारा उद्देश्य है कि जिले के अधिक से अधिक कृषक इस नवाचार को अपनाकर आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने बताया कि हनी फार्मिंग न केवल अतिरिक्त आय का सशक्त साधन है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कलेक्टर ने अन्य कृषकों से भी इस नवाचार को अपनाने का आह्वान किया।

मधुमक्खी बॉक्स की स्थापना एवं प्रबंधन

        टेमरिया में कृषक द्वारा प्रारंभ में दो मधुमक्खी बॉक्स स्थापित किए गए। प्रत्येक बॉक्स में रानी, नर एवं कामगार मधुमक्खियाँ होती हैं, जिनका सुव्यवस्थित प्रबंधन आवश्यक होता है। रानी मधुमक्खी द्वारा अंडे देने से पूरी कॉलोनी का संचालन होता है। प्रारंभिक अवस्था में नियमित निरीक्षण, मौसम प्रतिकूल होने पर शक्कर के घोल की व्यवस्था, स्वच्छता एवं रोग-कीट नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया गया। सही तकनीक अपनाने से मधुमक्खी पालन सरल, सुरक्षित एवं लाभकारी सिद्ध होता है। यह नवाचार परियोजना झाबुआ जिले में कृषि के साथ सहायक आजीविका के रूप में हनी फार्मिंग को स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पेटलावद सुश्री तनुश्री मीणा, सहायक संचालक उद्यानिकी विभाग श्री बीएस चौहान, तहसीलदार पेटलावद श्री अनिल बघेल, नायब तहसीलदार सुश्री अंकिता भिड़े, उद्यानिकी विभाग श्री सुरेश इनवाती एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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