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सैलाना विधानसभा के किसानों को बड़ी सौगात: विधायक डोडियार के प्रयासों से 21.24 करोड़ की तीन नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी SSE news network जिला रतलाम ब्यूरो चीफ जीतेन्द्र कुमावत

रतलाम जिले के सैलाना विधानसभा क्षेत्र में किसानों के लिए एक ऐतिहासिक दिन आया है। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार सतत प्रयास से बाजना जनपद के अंतर्गत घटालिया पंचायत के धावड़िया , कुण्डियापाड़ा के बोरपाडा और देवली के रूपारेल गांव में 21.24 करोड़ रुपये की लागत से तीन महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं—धावड़िया बैराज, बोरपाडा बैराज और रूपारेल तालाब—को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह सफलता सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार के पिछले दो वर्षों के अथक प्रयासों का फल है, जिन्होंने विधानसभा सत्रों में लगातार इन तालाबों की मांग उठाई और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट से सवाल किए।

डोडियार ने एक विधानसभा सत्र के दौरान सरकार से प्रश्न के माध्यम से स्पष्ट रूप से माँग स्वरूप पूछा था कि क्षेत्र में लंबित सिंचाई योजनाओं को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि वर्षा पर निर्भर किसान लाभान्वित हों। मंत्री सिलावट ने विधायक डोडियार की माँग को स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया था कि ‘अति शीघ्र’ निर्माण कार्य शुरू होगा। अब यह वादा साकार हो गया है। मंत्री ने विधायक को आधिकारिक पत्र लिखकर सूचना दी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर खेत को पानी’ संकल्प और मुख्यमंत्री यादव के किसान कल्याण विजन का उल्लेख किया गया। पत्र में उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं भी दी गईं। इन परियोजनाओं से सैलाना क्षेत्र की 1,159 हेक्टेयर (करीब 2,800 एकड़) कृषि भूमि को नई सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे रबी-खरीफ फसलों का उत्पादन 30-40 प्रतिशत बढ़ेगा। धावड़िया बैराज (9.55 करोड़) 570 हेक्टेयर, बोरपाडा बैराज (8.10 करोड़) 467 हेक्टेयर और रूपारेल तालाब (3.59 करोड़, नहर रहित) 122 हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ पहुंचाएंगे। ये बैराज माही और जामड नदी की सहायक धाराओं पर बनेंगे, जो सोयाबीन, कपास व गेहूं जैसी फसलों के लिए वरदान साबित होंगे।

_इसके अलावा, भू-जल स्तर में वृद्धि से गर्मियों में पेयजल संकट कम होगा और स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे। बाजना के किसानों में उत्साह व्याप्त है। यह स्वीकृति आदिवासी बहुल सैलाना के विकास की नई दिशा है। विभाग के अनुसार, निर्माण तीन महीनों में शुरू हो सकता है। पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित कर ये परियोजनाएं जलवायु परिवर्तन से निपटने में सहायक होंगी। सैलाना अब सिंचाई क्रांति की ओर अग्रसर है, जो पूरे रतलाम को प्रेरित करेगी।

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