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कुक्षी में ज़मीन नीलामी के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक प्रदर्शन, सरकार को दी कड़ी चेतावनी “आदिवासी अधिकारों से खिलवाड़ नहीं होने देंगे” — महेश पटेल

दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ 

कुक्षी। आज कुक्षी में आदिवासी समाज की ज़मीन नीलामी के ख़िलाफ़ विजय स्तंभ चौराहे पर कांग्रेस पार्टी और आदिवासी समाज द्वारा विशाल और प्रभावी धरना–प्रदर्शन किया गया। इस जनआंदोलन में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, आदिवासी समाज के महिला–पुरुष, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। पूरे क्षेत्र में आंदोलन को लेकर भारी आक्रोश और एकजुटता देखने को मिली।

धरना-प्रदर्शन में मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री व कुक्षी विधायक श्री सुरेंद्रसिंह (हनी) बघेल, आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री महेश पटेल सहित कई जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने अपने वक्तव्य में कहा कि आदिवासी समाज की ज़मीन नीलामी संविधान की भावना, पेसा कानून और आदिवासी अधिकारों के खिलाफ है। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है और आदिवासियों की ज़मीन छीनी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ज़मीन नीलामी की प्रक्रिया तत्काल बंद नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को सड़क से सदन तक पूरी ताकत से उठाएगी।

पूर्व मंत्री व कुक्षी विधायक श्री सुरेंद्रसिंह (हनी) बघेल ने कहा कि कुक्षी और आसपास का आदिवासी अंचल कभी भी अपने जल–जंगल–ज़मीन से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के साथ अन्याय किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा और वे स्वयं जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस संघर्ष का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने प्रशासन से तत्काल नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की।

आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री महेश पटेल ने प्रशासन और सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि आदिवासी समाज की ज़मीन उसकी पहचान और अस्तित्व है। बिना ग्रामसभा की सहमति कोई भी फैसला स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने ज़मीन नीलामी वापस नहीं ली, तो आंदोलन को और व्यापक व तेज़ किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी ने शासन–प्रशासन से मांग की कि आदिवासी क्षेत्रों में ज़मीन नीलामी की सभी प्रक्रियाओं को तत्काल निरस्त किया जाए तथा आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, पर्यावरण और जनजीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। नेताओं ने स्पष्ट किया कि न्याय मिलने तक यह जनआंदोलन शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहेगा।

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