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एडीजे वोरा ने बताया जीवनसाथी का महत्व तो जज भगौरा ने बच्चो के भविष्य से खिलवाड़ न करने की दी नसीहत तो जज नेहा सोलंकी कि समझाइस पर पति पत्नी हुए एक लोक अदालत के आए सुखद परिणाम दम्पति हुए फिर से एक अधिवक्ताओं ओर कर्मचारियों की मेहनत रंग लाई

पेटलावद। मप्र उच्च न्यायालय के निर्दश पर प्रदेश की समस्त न्यायालयों में 13 दिसम्बर शनिवार को नेशनल लअदालत का आयोजन किया गया। झाबुआ जिला प्रधान न्यायाधीश विधि सक्सेना के निर्देश पर पेटलावद न्यायालय में भी नेशनल लोक अदालत का आयोजन अपर जिला न्यायाधीश ओपी वोरा की अद्यक्षता ,व दोनो सिविल जज वरीष्ट खण्ड श्री सोहनलाल भगौरा, एवम श्रीमती नेहा मौर्य सोलंकी की गरिमामई उपस्थिति में सम्पन्नन हुआ ।

एडीजे श्री वोरा ने समझाते हुए बताया जीवनसाथी का महत्व

प्रथम मामले में पेटलावद निवासी रवि पिता बुद्धिलाल कहार का बाकानेर तहसील मनावर निवासी शिवानी से घरेलू विवाद चल रहा था जबकि दोनो के दो बच्चे भी है ।पूरा मामला एडीजे कोर्ट तक पहुच गया था । इस मामले में अधिवक्ता अनिल कुमार देवड़ा ने दोनो पक्षों को बेहतरीन तरीके से समझाइश देकर विवाद के निपटारे के लिये प्रेरित किया। मामले में अधिवक्ता मनीष व्यास,दुर्गेश पाटिदार,अमृतलाल वोरा, राजेश यादव,, राजपाल दोड एडवोकेट के सराहनीय तरिके से समझाइस देते हुए दोनो के बीच राजीनामा करवाया दोनो पति पत्नी खुशी खुशी घर लौटे।

जज श्री भगोरा की कोर्ट में चेक के मामले सहित पति पत्नी के बीच हुआ विवाद समाप्त

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री सोहनलाल भगोरा साहब के न्यायालय में विगत 1 वर्ष से विचाराधीन प्रकरण कृष्णा पति मोहन भूरिया विरुद्ध मोहन भूरिया के मध्य विवाद चल रहा था । आज न्यायालय के समक्ष एक दूसरे के गले मे हार माला पहनाई और भविष्य में एक साथ अच्छे से रहने का संकल्प लिया। ज्ञात हो कि दोनों ही पक्ष विगत 1 वर्ष से पृथक पृथक निवास कर रहे थे और पीठासीन अधिकारी श्री सोहनलाल भगोरा साहब व अधिवक्ता श्री अविनाश उपाध्याय, रूपम पटवा, लक्ष्मीनारायण बैरागी, संजय भायल, प्राजकता अगाल व सुलहकर्ता सदस्य श्रीमती मीरा चौधरी के प्रयासों से दंपत्ति के मध्य विवाद समाप्त होकर दोनों ही पक्षो ने साथ रहने का निर्णय लिया गया।

चेक मामले में हुआ समझौता

वही अधिवक्ता संजय राठौर कि प्रयासों से राजू राठौड़ पेटलावद ओर बाबू बारिया के बीच चल रहे चेक विवाद का निपटारा किया गया ।

जज श्रीमती नेहा मौर्य सोलंकी ने दो मामलो में पति -पत्नी को करवाया एक

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमति नेहा मौर्य सोलंकी साहब के न्यायालय में विगत डेढ वर्ष से विचाराधीन प्रकरण पार्वती पति आसाराम विरुद्ध आसाराम सोलंकी में विगत डेढ़ वर्ष से विवाद चल रहा था जिसे दोनों ही पक्षो ने जज श्रीमती सौलंकी के समक्ष एक दूसरे के गले मे हार माला पहनाई और भविष्य में एक साथ अच्छे से रहने का संकल्प लिया । इस मामले में वरीष्ट अधिवक्ता विनोद पुरोहित रविराज पुरोहित, अविनाश उपाध्याय, रूपम पटवा, लक्ष्मीनारायण बैरागी, संजय भायल, प्राजकता अगाल के प्रयासों से दंपत्ति के मध्य विवाद समाप्त होकर दोनों ही पक्षो ने साथ रहने का निर्णय लिया गया।

लड़ाई झगड़े के विवाद में पति पत्नी हूए एक

वही एक अन्य मामले में जज नेहा मौर्य सोलंकी कि समझाइस व अधिवक्ता मनीष व्यास,दुर्गेश पाटिदार,राजपाल दौड़ अधिवक्ता की समझाइस से जूनापानी निवासी सूरज वसुनिया ,कलावती वसुनिया ओर मंगलीबाई के बीच चल रहे विवाद का निपटारा होकर दोनो पक्षों को फलदार पौधे भेंटकर खुशी खुशी घर विदा किया गया।

कर्मचारियों ने दिया महत्वपूर्ण योगदान

दोनो ही मामलों सहित लोक अदालत को सफल बंनाने में कोर्ट के सहायक लोक अभियोजन अधिकारी पीएल चौहान , रीडर- कर्मचारियों पवन पाटिदार, रमेश बसोड़, संजय शर्मा, प्रकाश भाभर,भरत मुणिया, विजय वसुनिया, रमाकांत सोनी,गेंदालाल देवड़ा,हीरालाल मुणिया, कमलेश बामनिया ,प्रकाश डामोर धुलसिह, इंद्रा चौहान, नीलम उइके, रामलाल यादव,अशोक बसोड़,चन्द्रभानसिह, माधव ,दीतीया, भेरू,भरत, ने भी महत्वपूर्ण सहयोग देकर लोक अदालत को सफल बनाया। ।

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