झाबुआ, 11 दिसंबर। शारदा विद्या मंदिर में आज भारतीय भाषा दिवस पर “म्हारी बोली म्हारो वट” शीर्षक से भीली भाषा के संरक्षण और संवर्धन को समर्पित भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। विद्यार्थियों ने भीली भाषा में स्वागत गीत के माध्यम से अतिथियों का अभिवादन किया और साथ ही भीली भाषा के संरक्षण पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत की। कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए संस्था के संचालक श्री ओम शर्मा ने कहा कि भारतीय भाषाएँ हमारी सांस्कृतिक पहचान की आधारशिला हैं और स्थानीय मातृभाषाएँ समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करती हैं।

इसके पश्चात श्री सुरभान सिंह जी ने संबोधित करते हुए कहा कि भीली भाषा में अपार साहित्यिक और सांस्कृतिक धरोहर निहित है जिसे संरक्षित करना समय की मांग है। भाजपा जिला अध्यक्ष श्री भानु भूरिया ने अपनी बात रखते हुए कहा कि “म्हारी बोली” केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी जड़ों और अस्मिता का प्रतीक है। उन्होंने विद्यालय द्वारा भाषा संरक्षण के प्रयासों की सराहना की साथ ही उन्होंने शिक्षा जागरूकता की भावना पर आधारित भीली भाषा गीत में प्रस्तुत किया

कार्यक्रम में रंगकर्मी एवं समाजसेविका श्रीमती अनु जी भाबर ने अपने परिचित अंदाज़ में भीली भाषा में सारगर्भित उद्बोधन दिया तथा अपना स्वरचित गीत सुनाकर उपस्थित जनों को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजना मुवेल ने भारतीय भाषा दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भाषाई विविधता भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।

कार्यक्रम में भीली भाषा पर विशेष कार्य करने वाले दो व्यक्तित्वों –
पत्रकार श्री मुकेश जी परमार जो भीली भाषा में समाचार प्रस्तुत करते हैं एवं प्रसिद्ध रंगकर्मी, लेखिका और समाजसेविका श्रीमती अनु जी भाबर का शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया। श्री कल्याण जी डामोर द्वारा सभी को भीली भाषा से संरक्षण और संवर्धन की शपथ दिलाई। इस अवसर पर शैलेश जी दुबे, हरु जी भूरिया, बहादुर जी हटीला, मांगीलाल भूरिया , प्रकाश जी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक रोहित डाबर ने किया तथा अंत में संचालक अथर्व शर्मा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।