अलीराजपुर, महिला सुरक्षा शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल के मार्गदर्शन में पूरे मध्यप्रदेश में “ऑपरेशन मुस्कान” अभियान दिनांक 01 नवम्बर 2025 से 30 नवम्बर 2025 तक उत्साहपूर्वक संचालित किया जा रहा है। गुमशुदा एवं अदमपता नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षित खोज, विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को विभिन्न अपराधों संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना तथा समाज में महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान की भावना को सशक्त बनाना इस अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। इस अभियान का दायरा केवल खोज अभियान तक सीमित न रहकर बच्चों को डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के तरीकों, आधुनिक अपराधों की पहचान तथा सामाजिक बुराइयों से दूर रहने के व्यवहारिक ज्ञान तक विस्तृत है। इसी क्रम में दिनांक 18 नवम्बर 2025 को आदर्श एकलव्य विद्यालय, आंबुआ में अलीराजपुर पुलिस द्वारा एक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शिक्षकीय स्टाफ, प्राचार्य, महिला थाना प्रभारी एवं पुलिस अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, कानून, डिजिटल सुरक्षा, नशा मुक्ति और सामाजिक कुरीतियों के बारे में गहन जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला पुलिस अधीक्षक श्री रघुवंश सिंह ने बच्चों को संबोधित करते हुए आज के समय में बढ़ते सोशल मीडिया दुरुपयोग पर महत्वपूर्ण चेतावनियाँ दीं। उन्होंने बताया कि डिजिटल मंचों पर फर्जी पहचान बनाकर अपराधियों द्वारा बच्चों को भ्रमित करने की घटनाएँ बढ़ रही हैं, अतः नाबालिगों को चाहिए कि वे अनजान व्यक्तियों से मिले संदेशों, फ्रेंड रिक्वेस्ट और किसी भी प्रकार की निजी जानकारी को साझा करने से पहले सावधानी बरतें। उन्होंने साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, डिजिटल फ्रॉड, बाल अधिकार एवं महिला सुरक्षा कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने पोक्सो एक्ट, महिला हेल्प डेस्क (नंबर 7701042100) तथा आपातकालीन हेल्पलाइन 112 का उपयोग करने के महत्व को समझाया।

अपने संबोधन में एसपी श्री सिंह ने जिले की बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि अलीराजपुर की बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यदि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और जागरूकता का समन्वय हो, तो वे खेल, संगीत, शिक्षा, कला और हर क्षेत्र में जिले का नाम रोशन कर सकती हैं। उन्होंने बच्चों को यह भी समझाया कि मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसी तकनीकों का उपयोग केवल अध्ययन और रचनात्मक कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। इस अवसर पर अभिभावकों से भी बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों की सतत निगरानी रखने की अपील की।
सड़क सुरक्षा के विषय में जानकारी देते हुए उन्होंने अलीराजपुर पुलिस द्वारा स्थापित “हेलमेट बैंक” की अवधारणा समझाई। उन्होंने बताया कि जिले के सभी थानों में पुलिस नवाचार के तहत जनसहयोग से हेलमेट बैंक स्थापित किए गए हैं, जहाँ से कोई भी दोपहिया वाहन चालक आवश्यकता पड़ने पर हेलमेट ले सकता है और उपयोग के बाद उसे पुनः जमा कर सकता है। उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वे स्वयं भी यातायात नियमों का पालन करें और अपने माता-पिता, भाई-बहनों तथा समुदाय के लोगों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करें। पुलिस आपकी मित्र है—इस संदेश को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में बच्चे निसंकोच पुलिस से सहायता ले सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान एसपी श्री सिंह ने समाज में व्याप्त अंधविश्वास, डाकन-डायन प्रथा जैसी कुरीतियों से भी सावधान रहने की बात कही। उन्होंने बताया कि इन बुराइयों के उन्मूलन हेतु पुलिस निरंतर जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित कर रही है तथा बच्चों को चाहिए कि वे इन विषयों पर समाज में सकारात्मक संदेश फैलाएँ। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने बच्चों के लिए एक प्रेरणादायक कविता “हम नन्हे-मुन्ने बच्चे हैं, हमें हमारा बचपना जी लेने दो” प्रस्तुत की, जिसने वातावरण को उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायी बना दिया। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) जोबट श्री रविन्द्र राठी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया तथा उन्हें किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने की सख्त सलाह दी। उन्होंने कहा कि नशा न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि व्यक्तित्व, शिक्षा और भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने बच्चों से यह भी निवेदन किया कि वे अपने घर-परिवार में भी नशा मुक्ति का संदेश दें और समाज में स्वस्थ वातावरण स्थापित करने में योगदान दें।

इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, थाना प्रभारी एवं पुलिस अधिकारीगण उपस्थित रहे और विद्यार्थियों ने अत्यधिक उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। “ऑपरेशन मुस्कान” केवल पुलिस की पहल भर नहीं है, बल्कि एक व्यापक सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। इसके माध्यम से अलीराजपुर पुलिस न केवल गुमशुदा बालिकाओं की खोज कर रही है, बल्कि बच्चों को सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर नागरिक बनाने की दिशा में बहुआयामी कार्य कर रही है। अभियान का दीर्घकालिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का प्रत्येक बच्चा न केवल अपराधों से दूर रहे, बल्कि समाज में सकारात्मक और जिम्मेदार भूमिका निभाए।
कार्यक्रम के अंत में जिला पुलिस अधीक्षक श्री रघुवंश सिंह ने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम जिले के सभी विद्यालयों में निरंतर आयोजित किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों में अपराधों, तकनीकी खतरों और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूकता और अधिक सुदृढ़ होगी। इस प्रकार आज का कार्यक्रम ऑपरेशन मुस्कान के उद्देश्य को न केवल सफल बनाता है, बल्कि आने वाले भविष्य के लिए एक सशक्त और सुरक्षित पीढ़ी तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी सिद्ध होता है।