दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
अलीराजपुर जिला अब राजनीतिक रूप से परिवार वाद की और अग्रसर है जिले की दोनों ही प्रमुख पार्टियां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अब धीरे धीरे परिवारवाद की और बढ़ती जा रही है पहले तो भाजपा में ही परिवार वाद चरम पर था लेकिन अब कांग्रेस भी उसी दौड़ में पहुंच गई है ।।अलीराजपुर जिले में सांसद विधायक जनपद पंचायत और अन्य पदों पर भाजपा के ही एक ही परिवार का कब्जा है उसी प्रकार कांग्रेस में भी अब एक परिवार के विधायक , जिला अध्यक्ष और युवक कांग्रेस अध्यक्ष , प्रदेश आदिवासी विकाश परिषद के उपाध्यक्ष जैसे महतवपूर्ण पदों पर एक ही परिवार का कब्जा है ।।जिले में सूत्रों से और जन चर्चाओं का दौर जारी है अलीराजपुर में सिर्फ दो राजनीतिक परिवार का अब कब्जा हो चुका है कांग्रेस में उनके निर्णय के बिना कोई भी पदों पर काबिज नहीं हो सकता वही उसी तरह भाजपा में भी एक ही परिवार के आदेश और निर्देश के बाद ही कोई भी पद पर बैठ सकता है ।।।जिले में वर्षों से कई कर्मठ कार्यकर्ता है जो इन पदों पर रहकर जनता की सेवा करना चाहते है लेकिन उनका नंबर नहीं आया और अब शायद ही अब कभी आयेगा । नए जुड़े राजनीतिक कार्यकर्ताओं में जो उनके करीबी है वो तो काफी खुश हैै।लेकिन जिनको इन पदों के असली हकदार है और जिन्होंने पार्टियों को मुश्किल समय में संभालकर इस मुकाम पर ले कर गए उन सभी को दरकिनार कर सिर्फ और परिवार वाद और अन्य पदों पर जो चापलूस और सप्लायर है उन्हीं को अन्य पदों पर किया जाता है । और जो इन पदों के वाकई असली हकदार है और इन पदों पर रहकर जनता की सेवा करना चाहते है वो अंदर ही अंदर दुःखी है और अपने दुःख को जाहिर नहीं कर पा रहे है कुछ लोग तो सीधा विरोध कर लेते है और कुछ लोग राजनीतिक पार्टी ही बदल लेते है। भाजपा और कांग्रेस में गुटबाजी भी चरम पर है इसका भी काफी असर भी भाजपा कांग्रेस की राजनीति पर पड़ रहा है और इसका असर जमीनि राजनीति पर भी दिखाई देता है जिसका पक्ष मजबूत होता है उस और कार्यकर्ता राजनेताओं की उस पार्टी में होड लग जाती है और जिस पक्ष का नेता या उस पार्टी की स्थिति कमजोर होती है उस और कोई भी नहीं देखता है । और जो दोनों ही राजनैतिक पार्टियों और उनके नेताओं और कार्यकर्ताओं से परेशान होकर अन्य राजनैतिक पार्टियों के राजनेताओं और पदाधिकारियों से लगातार संपर्क में आकर अन्य पार्टियों की और रूख कर लेते है ।।जिले में भाजपा कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी और भारत आदिवासी पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी जमीनी स्तर पर अपनी टीम चुपचाप तैयार कर धमका करने के लिए रोजाना जमीन पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की लगातार संख्या बढ़ रही है ।भाजपा कांग्रेस की तरह आम आदमी पार्टी और भारतीय आदिवासी पार्टी अभी परिवार वाद से अलीराजपुर जिले में बची हुई है इन दोनों ही पार्टियों कार्यकर्ताओं की कार्यशैली उनकी योग्यता के आधार पर उनको पद प्राप्त हो रहे है।जबकि भाजपा कांग्रेस में बड़े पद पाने के लिए राजनीतिक परिवार से होना प्रथम प्राथमिकता है ।।