दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आज़ाद नगर भाभरा में बीते एक महीने से राजनीती मे एक नया अध्याय जुड़ चूका हैं वो हैं वर्षो से राजनीती मे खुद को स्थापित करने का एक राजनीती परिवार से होने के नाते कई वर्षो से पूर्व जनपद अध्यक्ष,पूर्व विधायक पूर्व वनमंडल अध्यक्ष मंत्री दर्जा प्राप्त माधोसिंह डावर और और अपराजिता नगर परिषद अध्यक्ष निर्मला डावर के पुत्र कुलदीप डावर पर कई राजनेताओं और कार्यक्रताओ का दबाव रहता था लेकिन उनके माता पिता उनको राजनीती मे अब तक आने से रोकते रहे राजनीती से दूर उनकी अच्छी शिक्षा और उसके बाद एक अच्छी सरकारी नौकरी और उनकी शादी के बाद एक अच्छी पारिवारिक जिंदगी लेकिन आज भाजपा को एक नये युवा नेतृत्व की जरुरत हैं पूर्व के सभी कांग्रेस और भाजपा नेता जो जोबट में आज कल भाजपा में हैं जो जनता के काम से ज्यादा खुद का फायदा और पार्टी मे बड़े बड़े पदों और खुद के समर्थकों को पार्टी के सभी जवाबदार और महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति करवाने के लिए सह और मात की गंभीर भारतीय जनता पार्टी की राजनितिक उठापठक के बिच सभी अपने अपने स्तर से जिले की बिसात मे अपने समर्थकों को बैठाकर अगले चुनावों की रूप रेखा चोरी चोरी चुपके चुपके तैयार कर रहे हैं लेकिन इन सबके बिच आज कल एक नया नाम जिसके पीछे एक मजबूत राजनितिक पक्ष और बड़े राजनैतिक संगठन और बड़े कार्यक्रताओ की मांग को देखते हुवे पूर्व विधायक ने अपनी ढलती उम्र और अपने वर्षो पुराने राजनितिक अनुभव और ज्ञान को मौदान मे दोबारा से नई शुरुआत करने के उद्देश्य से जनता के बिच अचानक से उनके पुत्र कुलदीप डावर को उतार दिया.

जिनको हाल ही मे भाजपा द्वारा आयोजित सभी कार्यक्रमों और धार्मिक उत्सवो मे बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेकर राजनीती मे सक्रिय होता देखकर राजनितिक विश्लेषको की नींद उड़ चुकी हैं क्योंकि आज तक राजनितिक अखाड़े मे जोबट क्षेत्र मे उनके पिता माधोसिंह डावर को कई लोग अपना राजनैतिक गुरु मानते हैं जिले के कई राजनेता और कार्यक्रता उनकी राय से जिले मे भारतीय जनता पार्टी की नींव इतनी मजबूत कर चुके हैं की अलीराजपुर जिले मे पहले कई नगर परिषद और जनपद जिला पंचायतो मे विधायक सीटों और सांसदों की सीट पर कांग्रेस का कई वर्षो तक एकछत्र राज्य था लेकिन आज अलीराजपुर जिले मे एक विधायक एक नगर पालिका और एक जनपद गिने चुने सरपंचो को छोड़ दो तो अधिकतर पर भाजपा का पूर्णरूप से कब्ज़ा हैं और कांग्रेस को भी उसको दोबारा वापस पाने के लिए जमीनी संघर्ष करना पढ़ रहा हैं. आज कुलदीप डावर जमीन पर अपनी राजनैतिक बिसात बिछाने का पहला अध्याय शुरू कर चुके हैं राजनैतिक परिवार के वारिश होने के बाद भी जिस तरीके से विशाल रावत खुद को आज तक साबित नहीं कर पाये और आज भी संघर्षरत हैं आज वही दबाव और वही मंजिल पाने की राह में कुलदीप डावर भी हैं जिनको आज जनता के बिच खुद को साबित और भाजपा मे स्थापित करने का बड़ा दबाव भी हैं आगे जनता और भाजपा उनको कितना तवज्जो देती हैं उसका इंतजार सभी को रहेगा.. कुछ दिनों से वो सोसल मिडिया में भी काफ़ी सक्रिय दिखाई दे रहे हैं और अपने पिता के और खुद के समर्थकों के साथ अब जमीन पर देखे जा रहे हैं सूत्रों के अनुसार जिससे उनके पिता के विरोधी और भाजपा के कई दिग्गज नेताओं में जोबट विधानसभा को लेकर आपसी अंदर ही अंदर सुगबुगाहत जारी हैं,,, परिणाम क्या होगा भविष्य में उनके इस कदम से राजनीतिज्ञ विश्लेषक और आम जनता को आगे इंतजार रहेगा!