सुनिल डामर बामनिया
आज दिनांक 5 अक्टूबर 2025 को बामनिया में विभिन्न सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों ने एक संयुक्त कार्यक्रम आयोजित कर महान आदिवासी योद्धा राणा पूंजा भील और वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती मनाई। इस अवसर पर उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वक्ताओं ने अपने संबोधन में राणा पूंजा भील के शौर्य और बलिदान को याद किया,जिन्होंने महाराणा प्रताप को मुगलों के खिलाफ युद्ध में महत्वपूर्ण सहयोग दिया था। इसी तरह, उन्होंने रानी दुर्गावती के साहस और कुशल शासन की गाथा सुनाई, जिन्होंने अपने राज्य की रक्षा के लिए मुगलों से लोहा लिया।

संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि दोनों हस्तियाँ भारतीय इतिहास में शौर्य और स्वाभिमान का प्रतीक हैं और उनकी जीवनगाथाएँ युवा पीढ़ी को प्रेरित करती रहेंगी।कार्यक्रम में जयस और आरएसएस संगठन पेटलावद के पदाधिकारी व बामनिया सरपंच रामकन्या मखोड व गोदडिया सरपंच बालू सिंह गामड़ तथा अन्य जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहें।