दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
जिले भर में मच्छरों की तरह गली गली और गांव गांव नगर नगर फैली एक खतरनाक बीमारी जिसको फर्जी डॉक्टर के नाम से जाना जाता है ।जिसको लेकर हर कोई इसको भगाने मिटाने या फिर खत्म करने पर लगा है लेकिन यह बीमारी अलीराजपुर जिले से जाने का नाम ही नहीं लेती गली में खत्म करो गांव में पैदा हो जाती है गांव में खत्म करो नगर में चली जाती है ।नगर में खत्म करो मोहल्लों में चली जाती है ।जिसको देखो वो इसके प्रकोप से प्रभावित है ।लेकिन कुछ नहीं कर पा रहा है ।। और कोई अगर इस बीमारी को दूर भगाने का प्रयास भी करे तो वो खुद इसकी चपेट में आ जाता है ।।जो इस बीमारी को बढ़ावा देता है उसको गहरी नींद जल्दी ही आ जाती है ।वो बहुत खुश रहता है ।। हर जगह उसी के चर्चे होते है ।वो सबका चहेता हो जाता है । उसका खजाना दिन प्रतिदिन बढ़ता है ।लेकिन जो इसको खत्म करने का जरा भी प्रयास करे या इसको छू भी लेने की तमन्ना मन में पाले या फिर इसके खिलाफ जंग का आगाज भी करे तो सबसे पहले उसकी नींद चेन चली जाती है उसको बेचैनी रहती है डर सताता रहता है कि यह बीमारी हो गई है कब जाएगी और कैसे जाएगी और किस डॉक्टर से जाएगी यह एक लाइलाज बीमारी बन चुकी है । और उसको लगता है अब यह बीमारी कब जाएगी जायेगी भी तो इसके लिए दवा किस्से लेनी पड़ेगी और कितनी मात्रा में और उस मात्रा में कोई परेशानी तो नहीं होगी ।। और इसका इलाज ढूंढते ढूंढते उसका धन खत्म होने लगता है ।।जिले भर के डॉक्टर और बडवे लगाकर भी इस बीमारी को भगाने का जो प्रयास हुआ वो भी विफल हो गया अब तो कोई टोना टोटका करना ही पड़ेगा जिससे जिले भर से यह फर्जी बंगाली डॉक्टर नुमा महाकाय हो रही बीमारी भागेगी और नहीं भागेगी तो इससे सभी समाज धीरे धीरे ग्रसित होकर इसके भक्षण का शिकार हो जायेगे । और सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि अब यह बीमारी अजर अमर हो चुकी है जो इसको खत्म करने का प्रयाय करेगा वो खुद चपेट में आकर सब कीटाणुओं के हाथों जिंदगी भर ग्रसित रहेगा और उसका सारा जीवन कष्टमय रहेगा क्योंकि फर्जी बंगाली डॉक्टरों के कीटाणुओं के समूह ही संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है और उसको रोकना रक्त बीज की तरह नामुमकिन है ।।