दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
जिले भर में यूरिया खाद की कमी का पूरा करने के लिए सभी उपाय कर लेने के बाद भी जिले भर के गांवों और किसानों को प्रयाप्त मात्रा में यूरिया खाद नहीं मिल पा रहा है इसका कारण कुछ भी हो लेकिन जिले भर के खाद व्यापारी इसकी कालाबाजारी करने से चूक नहीं रहे है ।सूत्रों के हवाले से खबर है कि जिलेभर में निजी खाद व्यापारी यूरियाखाद की एक थैली 266 रुपए की बजाय प्रशासन के सामने ही 500 रुपए या 560 रुपए में बेच रही है ।शासकीय कृषि विभाग के सारे अधिकारी और कर्मचारी मिलकर भी खाद की कालाबारी को नहीं रोक पा रहे है जिले की जिन सोसायटियों में खाद लोन सुविधाओं में दिया जाता है वहां लोग नहीं जा रहे है क्योंकि उन्होंने समय पर लोन नहीं चुकाया लेकिन जिन सोसायटियों में नगद रुपयों पर खाद दिया जा रहा है वहां खाद है ही नहीं पर निजी व्यापारियों के पास इतना खाद आता कहा से है कि जिनके गोदाम भरे के भरे रहते है ।जब निजी व्यापारी इतना खाद मंगवा सकते है तो कृषि विभाग क्यों नहीं क्या जानबूझकर खाद कृषि विभाग कम मंगवाता है ताकि खाद की किल्लत हो जाए और किसान निजी व्यापारियों की दुकानों पर लाइन लगाकर खड़े रहे और खाद भी ले तो व्यापारियों द्वारा निर्धारित दर पर जब यूरिया खाद की शासकीय कीमत ही 266 है तो निजी व्यापारियों के यहां वही यूरिया खाद की थैली 500या 560 रुपए की कैसे बेची जा रही है ।।यह भी एक विचारणीय प्रश्न है लेकिन जिले भर में खाद की हो रही कालाबाजारी पर जिले के कृषि अधिकारियों की अनदेखी कही न कही निजी व्यापारियों और कृषि अधिकारियों की मिलीभगत की और इशारा कर रही है ।जो सस्ते दाम का खाद महंगे भाव में बिकता हुआ देखने के बाद भी कार्यवाही के नाम पर चुप है ।