निलेश डावर
जोबट विकासखंड के माध्यमिक विद्यालय बलेड़ी में बच्चों की सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। स्कूल परिसर की बाउंड्री न होने के कारण छात्र-छात्राएं खेलते-खेलते अक्सर स्कूल के सामने से गुजरने वाले व्यस्त मुख्य मार्ग पर आ जाते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। बलेड़ी गाँव में स्थित माध्यमिक विद्यालय वर्षों से बिना किसी चारदीवारी के चल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने कई बार इसको लेकर चर्चा कर चिंता जताई, विद्यालय के प्रमुख जगनसिंह बामनिया द्वारा कई बार इस समस्या को लेकर प्रशासन और शिक्षा विभाग से गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

विद्यालय के सामने से गुज़रने वाला मुख्य मार्ग जहाँ दिन भर वाहनों का तेज़ आवागमन रहता है। छुट्टी के समय या खेल के दौरान बच्चे अक्सर अनजाने में सड़क पर निकल जाते हैं। कुछ अभिभावकों ने बताया कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने से पहले हमेशा डरे रहते हैं। “हर दिन यही चिंता सताती है कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए प्रधानाध्यापक द्वारा लगातार इस समस्या को संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में ला रहे हैं। बच्चों को सड़क पर जाने से रोकने के लिए भी अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन एक स्थायी समाधान के लिए बाउंड्री का निर्माण अत्यंत आवश्यक है।”ग्रामीणों/राहगीरों का कहना है कि कई बार छोटे-मोटे हादसे होते-होते बचे हैं, लेकिन प्रशासन की लापरवाही कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से तत्काल प्रभाव से माध्यमिक विद्यालय बलेड़ी की चारदीवारी का निर्माण कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह बच्चों के भविष्य और उनकी सुरक्षा से जुड़ा मामला है और इसमें किसी भी तरह की देरी गंभीर परिणाम दे सकती है। यह देखना होगा कि प्रशासन कब इस गंभीर समस्या पर ध्यान देता है और माध्यमिक विद्यालय बलेड़ी के छात्रों को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करता है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यक है।