रिपोर्टर-सुनील खोड़े
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पेटलावद। जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भील कोटडा में रहने वाली दितु बाई, राधा बाई एवं सीता बाई मेड़ा ने बताया कि हम लोग भूमि के पट्टे के लिए कई वर्षों से परेशान हो रहे हैं, किंतु हमें पट्टा नहीं दिया जा रहा है। हमने मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री, कलेक्टर, एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों को कई बार शिकायत की किंतु हमारी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। जिससे हम काफी परेशान हो चुके हैं। हमने प्रधानमंत्री कार्यालय में भी शिकायत दर्ज करवाई है किंतु अब तक हमारी कोई सुनवाई नहीं की गई। हम शासन से मांग करते हैं कि हमें जल्द से जल्द पट्टा दिया जाए।

पीड़ित महिलाओं के अनुसार काफी वर्षों से हम लोग परेशान है, लेकिन पटटा नही मिला है। हम आदिवासी गरीब परिवार के सदस्य है। हमारे पास कोई भूमि नहीं है हमें अपनी आजीविका चलाने में काफी परेशानी आ रही है। हम लोग मजदूरी करते हे अब अधिक आयु होने के कारण मजदूरी भी नही बन पाती है। शासकीय सर्वे नं- 74/1 रकबा 29.660 है, जिस भूमि पर हमारे बाप दादाओं के जमाने से खेती करते चले आ रहे है। उसी से हमारे परिवारों का गुजर बसर होता है। किंतु आज दिनांक तक कब्जा होने के बावजूद भी हमें पटटा नही दिया गया है।

जबकि मुख्यमंत्री ने कहा है कि जो आदिवासी रह रहा है उसको पटटा दिया जायेगा, किन्तु स्थानीय अधिकारी कहते है की मंत्री या मुख्यमंत्री लिख देगें तो आपको पट्टा तत्काल दे दिया जायेगा। हमने अनेकों आवेदन निवेदन कर चुके है मगर कोई सुनवाई हम आदिवासियों की नहीं हो पा रही हे। हमारे द्वारा मामले को लेकर स्थानीय जनसुनवाई से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत की है, किंतु हमारी सुनने वाला कोई नहीं है। जबकि राजस्व मंत्री कार्यालय भोपाल से झाबुआ कलेक्टर को शासकीय भूमि के पट्टे के संबंध में एक पत्र भी जारी किया गया है, लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।