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नंद के घर आनंद भयों के जयकारों के साथ कृष्ण जन्मोत्सव मना। महायज्ञ का शुभारंभ हेमांद्री और दशविधि स्नान के साथ हुआ। 6 जनवरी को पूर्णाहुति महाआरती और महाभंडारे के साथ होगी।

वॉइस ऑफ़ झाबुआ-

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 पेटलावद।11 कुंडीय शिव शक्ति महायज्ञ का शुभारंभ 2 जनवरी को हुआ। जिसमें यजमानों का शुद्वीकरण के लिए हेमाद्री क्रिया और दशविधि स्नान के साथ शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही देव स्थापना और मंडप प्रवेश के साथ महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। यज्ञ में अग्नि स्थापन दिनांक 3 जनवरी को होगा। आचार्य पं. पंकज जी शर्मा के आचार्यत्व में दस विद्वावान पंडितों के साथ मिलकर यज्ञ की क्रिया प्रारंभ की गई है। इसके साथ ही 72 घंटे का महानुष्ठान भी चलेगा। जिसका लाभ लेने के लिए भक्तगण यज्ञ के यजमान बन रहे है।

कथा में कृष्ण जन्मोत्सव मनाया।

क्षेत्र के कल्याणार्थ श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ भी 30 जनवरी से हुआ जिसमें कथा का वाचन साध्वी किशोरी प्रियाजी के द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने अपनी सुमधुर वाणी और धर्म की जानकारीयां देते हुए कथा के माध्यम से भगवान के स्वरूपों का वर्णन करते हुए भगवान की महिमा का गान किया। इसी क्रम में आज दिनांक 2 जनवरी गुरूवार को कृष्ण जन्म उत्सव मनाया गया। छोटे बच्चें को कृष्ण बना कर वासुदेव के रूप में कलाकार के द्वारा टोकरी में रख कर उत्सव मनाया गया।‘

नंद के घर आनंद भयो – जय कन्हैया लाल की‘‘* के जयकारों के साथ भक्तों ने नाचते गाते जन्मोत्सव का आनंद लिया। फूलों की वर्षा और माखन मिश्री का प्रसाद बांट कर भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। साध्वी श्री ने कहा कि भगवान कृष्ण का जन्म केवल कंश के वध के लिए नहीं हुआ उनका जन्म तो धर्म की स्थापना के लिए और अच्छे लोगों और गायों की सुरक्षा के लिए हुआ था। भगवान ने अपनी लीलाओं के माध्यम से प्रेरणा दी है।

धर्म का लाभ ले रहे श्रद्वालु।

महायज्ञ में भक्तों के द्वारा आहुति देने के लिए पेटलावद सहित अन्य स्थानों से भी नगर में आ रहे है महायज्ञ के संचालक श्री 108 कुंदनदास जी महाराज ने बताया कि कथा का श्रवण करने के लिए भक्तों का तांता लग रहा है वहीं महायज्ञ के शुभारंभ होने के साथ ही भक्तों ने आहुतियां देने के लिए भी अपने नाम लिखवाये है। इस अनुष्ठान का मुख्य उद्ेश्य क्षेत्र का कल्याण करना और भक्तों के मन में भक्ति को उत्पन्न करना है। यह अनुष्ठान सभी के सहयोग से चल रहा है। महायज्ञ की पूर्णाहुति दिनांक 6 जनवरी को होगी। जिसमें महा भंडारे का आयोजन किया जायेगा। जिसका लाभ हजारों श्रद्वालु उठायेगें।

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