दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा । नगर में 25 सितम्बर से 31 दिसम्बर तक चलने वाली सात दिवसीय भागवत कथा के दूसरे दिन विशाल कथा पांडाल में कथा श्रवण करने आएं भक्तों को संतश्री प्रभु नागर जी महाराज ने कहा कि जीवन में पीड़ा अनेक प्रकार की होती हैं जो कष्टदायी होती हैं लेकिन जिसने कर्म की पीड़ा को वहन किया वह पूजनीय हो जाता हैं। कर्म ऐसा होना चाहिए जिससे पछताना ना पड़े। कर्म की पूजा के साथ अनुशासन में रहने की पीड़ा जीवन को और अधिक ऊंचाई पर ले जाती हैं,उन्होंने महाभारत का प्रसंग सुनाते हुवे कहा कि दुर्योधन द्वारा बड़ों की आज्ञा का पालन नहीं करने से अनुशासनहीनता के चलते महाभारत हुई।

इसका परिणाम न केवल कौरवों को भुगतना पड़ा परिवार के बड़े बुजुर्गों को भी सहना पड़ा। जीवन में संघर्ष सभी को करना पड़ता हैं बिना संघर्ष के जीवन में किसी को सफलता नहीं मिलती। विद्यार्थी जीवन में संघर्ष,अनुशासन से ही सफलता प्राप्त की जा सकती हैं।संत श्री प्रभु नागर जी द्वारा कथा के दूसरे दिन अनेक प्रसंग सुनाते हुवे दूसरे दिन की कथा का समापन किया गया। इस अवसर पर नगर सहित आलीराजपुर,कुक्षी,जोबट, कठ्ठीवाडा़,बरझर,आम्बुआ,उदयगढ़ सहित अनेक स्थानों से कथा श्रवण करने हेतु बडी़ संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने के लिये कथा स्थल पर पहुँचे थे।