मनीष अरोडा
आलीराजपुर ÷ आलीराजपुर जिला चिकित्सालय मे पिछले 30 सितम्बर से सोनाग्राफी सेंटर बंद पडा है गर्भवती महिलाए परेशान हो रही है मगर अस्पताल मे बैठा प्रबंधन सिर्फ कुर्सी पर बैठ सबकुछ देख रहा है सिविल सर्जन कहते है सीएमएचओ साहब से बात करो सीएमएचओ साहब कहते है अभी कूछ कह नही सकते कब रेडीयोलाजिस्ट डाक्टर यहा आए जब तक रेडीयोलाजिस्ट डाक्टर नही आते तब तक सोनाग्राफी सेंटर बंद रहेगा ऐसे मे इतने बडे जिला अस्पताल मे सोनाग्राफी सेंटर बंद होना चिंता का विषय है क्या सीएमएचओ साहब मे थोडी सी भी मानवता नही बची वो अपने निवास पर तो रात मे प्राईवेट सोनोग्राफी कर रहे है लेकिन अस्पताल मे सोनोग्राफी इसलिए नही कर सकते क्योकी वो सीएमएचओ है अगर साहब आप सीएमएचओ है तो घर पर रेडीयोलाजिस्ट बनकर सोनोग्राफी क्यो कर रहे हो जिस तरह घर पर आप कर रहे हो वैसे जिला अस्पताल मे भी दो घन्टे सोनोग्राफी कर जनता की सेवा कर सकते है यहा अस्पताल मे महिलाए परेशान हो रही है ओर साहब घर पर बैठकर हजारो रूपये की कमाई कर रहे है शासन से तनख्वाह लेकर भी साहब अस्पताल मे अपनी सेवा नही दे पा रहे है बडी दूख की बात है वही कल जयस जिलाध्यक्ष अरविंद कनेश ने भी अस्पताल पहूचकर अपर कलेक्टर विरेन्द्र सिंह बघेल के सामने विरोध दर्ज कराया था ओर कहा था की प्रशासन को अस्पताल मे ध्यान देना चाहिए अगर रेडीयोलाजिस्ट डाक्टर नही है तो वर्तमान मे जो सीएमएचओ साहब बनाए गये है उनको दो घन्टे यहा सोनोग्राफी सेंटर मे बैठाकर सोनोग्राफी सेंटर चालू करवाना चाहिए क्योकी यहा डाक्टर कब आए ये कहा नहि जा सकता है वही सीएमएचओ साहब इतने बडे है की वो प्रशासन के अधिकारी के बुलावे पर भी नही आए अपर कलेक्टर ने महिलाओ ओर जयस जिलाध्यक्ष से कहा सीएमएचओ साहब को बूलवाया है वो आ रहे है उनसे बात करते है मगर सीएमएचओ साहब नही आए ऐसे मे अंदाजा लगाया जा सकता है कैसे जिला अस्पताल को सीएमएचओ साहब चला रहे है एक अस्पताल ढंग से चल नही रहा पूरा जिला कैसे सभाल रहे होगे बडा सवाल है जिले के कलेक्टर साहब मंत्री जी सांसद महोदया को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए ओर इन सीएमएचओ साहब को हटाकर किसी दूसरे अधिकारी की मांग शासन से करना चाहिए नही तो वर्तमान मे किसी अन्य व्यक्ति को चार्ज देकर अस्पताल की अव्यवस्था को सुधारना चाहिए