दिलीपसिह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
गाय हमारी माता है यह कह देने से गाय माता नही बन जाती है पूरे देश में कही भी अगर गाय का कत्ल करने वालो को पूरे देश के लोग कातिल मानते है और जंग करने के लिए सीधे मैदान में तक जाने की बात कर देते है लेकिन गाय माता की यह स्थिति देखने के बाद गाय हमारी माता है कह देने वाले उन सभी बेटो को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए

जो धार्मिक रेलियो और प्रवचनों में गाय हमारी माता है बोलते रहते है लेकिन अलीराजपुर जिले के प्रत्येक नगर में गाय को नदी नालों या किसी भी दीवार के सहारे फेंके गए कचरे से अपना पेट भरते तो अक्सर देखा होगा ।और अपनी आंखे नीचे कर वहा से गुजर भी गए होंगे तब किसी भी मां के बेटे ने उनको वहा उनके लिए भोजन की व्यवस्था नही की होगी ।जिले भर में जिस तरीके से आवारा पशुओं की वृद्धि हो रही है और नगर में आवरा जानवरो की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है ।

जिससे हमारी गाय माता कचरा खा कर ही जिले को मजबूर है ।।जिसको कब अच्छा जीवन मिलेगा कब इस देश में गाय माता को कब अच्छा जीवन मिलेगा और उसको भगवान कृष्ण के जमाने में जिस तरीके से जंगलों में चराकर उनकी देखभाल की जाती थी वो दिन दोबारा हमारे देश में कब आयेंगे देश में कई नेता और राजनेता गाय माता के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक कर अपने थाली कई पकवानों और अपनी तिजोरी नोटो से तो भर रहे है लेकिन इस गाय माता को एक टाइम का भी चारा सही से नसीब नही हो रहा ।