दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा । स्थानीय कालिका मंदिर परिसर में चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन पंडित हिमांशु महाराज ने कहा कि जीवन बहुत छोटा हैं लेकिन जो भक्त भगवान के हैं उनका जीवन बहुत बड़ा हैं। एक-एक क्षण बहुत ही महत्वपूर्ण हैं कथा के पांचवें दिन से सीता राम विवाह का प्रसंग सुनाया गया। थाली बता देती है कि भोजन कितने प्रेम से भरोसा गया, वैसे ही पूजन की थाली किस भाव से पूजा की गई वह बता देती हैं, संकट के समय यही पूजा पाठ किसी बड़ी आपदा को छोटी आपदा में बदल देती।

संतान प्राप्ति के लिए गाय के दूध से शिवजी का अभिषेक करना चाहिए। प्रेम से सब कुछ जीता जा सकता हैं। खाली हाथ आए थे खाली हाथ जाएंगे।संसार में प्रेम से परमात्मा को पाया जा सकता हैं बनावटी सुंदरता बहुत दिन तक नहीं टिक सकती, बनावटी वस्तु में ज्यादा चमक दिखाई देती हैं। दृष्टि को बदल दीजिए सृष्टि अपने आप बदल जाएगी। आपके अंदर जैसा भाव रहेगा वैसा ही प्रतिफल प्राप्त होगा।जिसके अंदर प्रतिभा उसको कोई दबा नहीं सकता । जब भक्त के ऊपर कोई आपदा आती हैं तो स्वयं परमात्मा आगे आ जाते हैं। जीवन में मनुष्य को वैदिक पद्धति से ही विवाह करना चाहिए,कोर्ट कचहरी से नहीं । मर्यादा का पालन करना चाहिए। देने वाला हमेशा बड़ा होता हैं,ना कि लेने वाला । जिस भजन में राम का नाम नहीं उसे भजन को गाना ना चाहिए। भजनों पर महिलाएं अपने आप को रोक नहीं पाई कथा पंडाल में झूमकर नृत्य करने लगी।