दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा ,,जिस तरीके से अलीराजपुर जिले के ग्राम खट्टाली और उसके आसपास के कई ग्रामीण एरिया को खदान के लिए किसी कंपनी को खदान आवंटित कर दी और जिससे कई ग्रामिणो की रातों की नींद और दिन का चैन गायब है उसकी प्रकार सूत्रो के हवाले से खबर आ रही है ।सूत्रो के हवाले से खबर है की चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा के रिंगोल और सेजावाड़ा के बीच मैग्निज की काफी अच्छी मात्र पाई गई है ।और जो मेगनीज यहां है वो काफी अच्छी किस्म का है जिसके कारण कई नेताओ और खनिज माफियाओं की गाड़िया कभी कभी इन खदान वाली जगहों पर या इनके गुर्गे खनिज की जांच करवाने के लिए यहां से चोरी छिपे सेंपल लेकर चले जाते है जिनकी भनक तक ग्रामीणों को आज तक लगी नही ।अलीराजपुर जिले के ग्राम खट्टाली में जिस तरीके के खनिज के लिए भूमि आवंटन कर जो आदिवासियो को हटाने का गंदा काम भाजपा सरकार कर रही है उसी प्रकार चोरी छिपे खनिज माफिया रिंगौल और सेजावाडा की मेगनीज खदान को मंजूर करवाने की जुग्गत में है जिसके लिए अभी से ग्राम सेजावाड़ा और रिंगोल के आदिवासी ग्रामीणों को जागरूक होने ओर बाहरी तथा अंदरूनी व्यक्तियों के ऊपर नजर रखनी चाहिए की कोन कोन किस चीज के लिए इन ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे है ।।और इन ग्रामीण एरिया से चोरी छिपे मिट्टी या पत्थर उठा कर ले जा रहे है ।। सेजावाडा ग्राम के अलावा भी आसपास के क्षेत्र जेसे अमनकुवा, माथना, जेसे क्षेत्र में भी भरपूर खनिज है जिनका भी सर्वे चुपचाप हो चुका है और अब इन ब्लॉको की नीलामी आगे केंद्र सरकार कभी भी कर सकती है ।जिससे आदिवासी क्षेत्रों में आदिवासी ग्रामीणों के वजूद का खतरा मंडरा रहा है ।।जब भी यह ब्लॉक नीलाम होंगे कोई ग्राम सभा और कोई अन्य आंदोलन नही रोक पाएंगे क्योंकि ग्राम सभा की प्रशासन कभी भी सुनता नही जिसका जीता जागता उदाहरण आंबुआ काकड़बारी सड़क की भूमि अधिग्रहण में ग्राम कालियावाव ,पोची इमली, बड़ा भावटा और बिलझर के ग्रामीणों द्वारा ग्राम सभा कर विरोध जताया था की अपनी जमीन नही देना चाहते फिर भी रोड बायपास वही से ही निकल रहा है कोई भी विरोध और आपत्ति उसको रोक नही पाई ।।