झाबुआ। श्याम नाम तो सुना हुआ… जो अपने कर्तव्य को बडी ईमानदारी से बखुबी निभाते थे… अगर कुछ गलत हुआ तो सही को सही और गलत को गलत कहते नजर आते… अपराध हुआ है तो चाहे वो नेता हो या फिर अधिकारी कार्रवाई होती ही थी। कुछ समय पहले बिना उदय हुए नेता जी जो चुनाव में बस हारते ही है… उनके खयडु के एक गुर्गे को पकड लिया गया। शराब भी बडी मात्रा में थी। लगभर 400 पेटियां… अचानक से वॉइस ऑफ झाबुआ को इसकी सुचना मिली… तो टीम पहुंच गई थाने पर… अब बिना उदय हुए नेताजी का शराब छोडने के लिए बार बार फोन आ रहा था… लेकिन कार्रवाई हुई और आरोपी जेल भी गए। फिर क्या था नेताजी जैसे कलेक्टर रजनी सिंह के तबादले के लिए पीछे पडे वैसे श्याम सर के पीछे पड गए और तबादला करवा कर छोडा।
बिना उदय हुए नेताजी भाजपा में शामिल होने से पहले से ही पुरे रानापुर क्षेत्र में परिवार सही गुंडागर्दी के लिए बदनाम तो थे ही… अवैध दारू सप्लाय का काम भी इनका अच्छा खासा था.. युवाओं के पद पर रहते इन्होने अपनी सेटिंग न होने की वजह से खुब दारू पकडी और जैसे ही सेटिंग हुई तो रानापुर कुंदनपुर होते हुए और पिटोल से खुब अवैध शराब सप्लाय की… और अभी तो जिले के मुखिया के पद पर रहते खुब अवैध शराब सप्लाय कर रहे है। इन्होने कभी कार्यकर्ताओं के लिए काम नही किया सिर्फ और सिर्फ अपने लिए ही काम किया… अस्पताल, छात्रावासों, कॉलेजों, परिषद में अवैध सप्लाय इन्ही के मार्गदर्शन में ही किया जाता हैं। जहां इनकी काली कमाई नही होती वहां ये सरकारी कर्मचारियों का तबादला करवा देते है। पिटोल से तो इनकी अवैध शराब खुलेआम जाती है। सुत्र बताते पिटोल चौकी प्रभारी से इनकी इतनी अच्छी है कि इनकी अवैध शराब पडती ही नही है। इसी वजह से जिले भर में पुलिस कर्मियों के तबादले हुए मगर चौकी प्रभारी का नही हुआ… और भी बहुत कुछ है वो हम अगले अंक में बतायेंगे.. कि लोक सभा चुनाव में इन्होने क्या किया… पद से हटते ही इनकी क्या दशा होगी…