वॉइस ऑफ झाबुआ
जिला झाबुआ के तहसीलदार संजय गर्ग द्वारा अपने पद दुरुपयोग कर भू माफिया हरीश चन्द्र बिजवानी एवं अमित बिजवानी के पक्ष में आदिवासी की भूमि का नामांतरण आदेश पारित किया गया इस संबंध में उच्च स्तरीय जांच आदेश करने के लिए एएमएल कमलेश्वर डोडियार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा तथा तहसीलदार संजय गर्ग को निलंबित करने की बात भी कही।
झाबुआ जमीन नामांतरण का यह है मामला
जिला झाबुआ में विगत दस वर्षों में बड़े पैमाने पर आदिवासियों की भूमि गैर आदिवासियों के पक्ष में नामांतरण किए जाने का खेल खेला गया है, जिसमें आदिवासियों को भूमिहीन तक कर दिया गया है। जिले के संबंधित कलेक्टर एवं एडीएम द्वारा नियमों के विपरीत जाकर आदिवासी की भूमि को गैर आदिवासी को विक्रय करने की अनुमतियां अवैधानिक रूप से दी गई हैं, जो भूमि अधिनियम के भी विरुद्ध है।
कमलेश्वर डोडियार ने लिखा मेरे समक्ष यह तथ्य आया है कि तहसीलदार झाबुआ श्री संजय गर्ग द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए हरीशचंद्र बिजवानी एवं अमित बिजवानी के पक्ष में आदिवासी की भूमि नामांतरण प्रकरण क्रमांक 0004/ अ-6/2023-24 में पटवारी हल्का नंबर 0052, सर्वे नम्बर 173/2, 402/2,403/2/2000/403/3/1 कुल रकबा 0. 264 हेक्टयेर का नामांतरण गलत तरीके से किया गया है, जिसमें मोटी रकम घूस के रूप में उक्त तहसीलदार द्वारा ली गई है।
अतः आपसे जनहित में आग्रह है कि उक्त प्रकरण में जिला झाबुआ के तहसीलदार श्री संजय गर्ग को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय जांच आदेशित की जावे एवं आदिवासी की भूमि को गैर आदिवासी के पक्ष में किए जाने के नामांतरण आदेश को भी निरस्त करने की कार्यवाही की जावे। कृपया इस विषय में तत्काल कार्यवाही करते हुए की गई कार्यवाही से मुझे अवगत कराने का कष्ट करें।