झाबुआ। अरे ये का सुनने में आ रहा है और सुत्र भी बता रहे है… एक भ्रष्ट को झाबुआ कोतवाली का प्रभारी बनाने के लिए माननीय न्यायाधीष का हवाला दिया जा रहा है। जो इतना भ्रष्ट है कि लाईन अटैज होने के बाद भी अपने को क्राईम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताकर ये भ्रष्ट अवैध वसुली कर रहा था… अगर कोई इसको रूपये न दे तो उससे मारपीट और गाली गलोज करता है… अगर ये झाबुआ थाने पर आ गया तो… सारे अवैध काम ये खुद ही करेगा…. हाल में जिस जगह ये भ्रष्ट जिस जगह पदस्थ है वहां भी सारे दो नम्बर के काम ये खुद ही करवा रहा है… अवैध बायो डिजल बेचने के लिए इसने वहीं जमीन खरीदी है… बडी बात तो यह है कि एक मंत्री और भाजपा के जिला पदाधिकारी भी इसकी झाबुआ पदस्थापना का विरोध कर रहे है… कि भ्रष्ट है ये यहां नही होना चाहिए… लेकिन न जाने क्यों माननीय न्यायधीश का हवाला देकर इस भ्रष्ट को झाबुआ कोतवाली में पदस्थ करने का हवाला दिया जा रहा है। अगर न्याय पालिका के न्यायाधीश ऐसे भ्रष्ट को झाबुआ कोेतवाली में बैठाने की बात करने तो ये न्याय पालिका के लिए बडी शर्म की बात है… क्योंकि यहां हर कोई जानता है कि ये भ्रष्ट कैसा है… खैर न्याय पालिका के न्यायाधीश ऐसे भ्रष्टों को संरक्षण नही देते है… सुत्र बताते है उनका नाम लेकर ये सारा खेल खेला जा रहा है…!
ऐसे भ्रष्ट को झाबुआ थाना प्रभारी बनाने की बजाय… वर्तमान थाना प्रभारी को ही यथावत रहने दिया जाये… एक भ्रष्ट से अच्छा तो राजु बघेल है… जिस पर भ्रष्टाचार के कोई आरोप तो नही है… जो जैसा भी है… भ्रष्टों और अपराधियों पर लगाम तो कसता है…और अगर इस भ्रष्ट को झाबुआ कोतवाली थाना प्रभारी बना दिया और इसे झाबुआ कोतवाली मिल गई तो कोतवाली पर बस तोड बटटे चलेगे… कहां अवैध कारोबार करना है ये चलेगा… अपराधी खुलेआम अपराध करेंगे… ऐसे में इस भ्रष्ट का तबादला झाबुआ कोतवाली में नही होना चाहिए… मंत्री और भाजपा पदाधिकारी का इसका विरोध करना कहीं न कही इसके भ्रष्टाचार का विरोध है। बाकि अगले अंक में…