दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
आचार संहिता क्या लगी हुई है पूरे जिले के शराब व्यापारियों की चांदी हो गई है जिले के ग्राम भाभरा के शराब ठेकेदार ने 15% शराब के दाम बड़ाकर शराब का ठेका क्या लिया ठेकेदार की मनमर्जी आम नागरिकों के शराब क्रय पर दिखाई देने लगी है जहा 15%या 20%शराब के दाम बड़ा भी दिए जाए तो शराब की बियर की पेटी 1700 रुपए की जगह 1900 की होगी लेकिन भाभरा शराब के ठेकेदार द्वारा एक पेटी शराब का मूल्य 2400रुपए से लेकर 2500 तक बेची जा रही है वो भी शासकीय दुकान से दिन दहाड़े और क्रय करने वालो को कोई भी रशीद नही दी जा रही है साथ ही किसी भी दुकान पर कोई रेत लिस्ट की सूची भी नही लगी है जिससे आदिवासी ग्रामीणों को कुछ भी पता नही चलता जब लिस्ट ही नही लगी।है तो क्या शिक्षित क्या अनपढ़ ।विशेष सूत्रो से ज्ञात हुवा है शराब का विक्रय दुकान से करते वक्त आदिवासी ग्रामीणों से अभ्रद्र व्यवहार और गाली गलोच भी की जाती है अगर किसी ग्राहक ने दुकान के अंदर शराब पीकर ज्यादा नशे में हो जाने पर उस ग्राहक को धक्का मारकर भी सड़क पर फेंक दिया जाता है ।आचार सहिता जिले भर में लगी हुई है लेकिन जिले की आबकारी पुलिस चंद्र शेखर आजाद नगर भाभरा की दो अंतर्राष्ट्रीय चौकी पर अभी भी आबकारी अधिकारियों की नियुक्ति नहीं कर पाई जिससे शराब ठेकेदार अवेध रूप से शराब ग्राम सेजावाड़ा और बरझर से सीधे गुजरात भेज रहा है जिसको कोई देखने वाला ही नही है ।और तो और चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा तहसील क्षेत्र में 360 से ज्यादा ठिकानों पर अवेध रूप से शराब का विक्रय किया जा रहा है जिन ठिकानों से अवेध रूप से शराब का विक्रय होने से शासकीय राजस्व का नुकसान हो रहा है जिसको देखने वाला नगर में कोई भी विभाग नही है ।