दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा कल एक्लव्य विद्यालय सेजावाड़ा में जिस प्रकार छात्र छात्राओं ने आंदोलन कर वहा अध्यापन करवा रहे शिक्षको द्वारा छात्राओ को बेड टच करने का आरोप लगाया और विद्यालय के छात्र छात्राओं के द्वारा अपशब्द और गाली गलौच करने जेसे आरोप लगाए जो की एक गंभीर आरोप है जिसकी विधिवत जांच होनी चाहिए साथ ही जिस भी शिक्षक ने अपशब्द और बेड टच किया है और धमकियां दी है विधायक से निकलवाने और फेल करने की वो गंभीर अपराध की श्रेणी में आते है जिला कलेक्टर डॉक्टर अभय बेडेकर को इसका संज्ञान लेकर उन शिक्षको के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवानी चाहिए और उनकी सेवा समाप्त करनी चाहिए जिले के समस्त आदिवासी सामाजिक संगठनों को भी इस घटना के बाद इसका संज्ञान लेकर दोषी शिक्षको का सिर्फ निलंबन ही स्वीकार नहीं करना चाहिए आगे आकर उनके खिलाफ जाती सूचक शब्दो और बेड टच करने के कारण उनके खिलाफ आदिवासी एक्ट्रो सीटी में भी प्रकरण दर्ज होकर उनके खिलाफ कड़ी करवाही होनी चाहिए ।लगातार सेजावाडा विद्यालय में शिक्षको द्वारा छात्र और छात्राओ को सही तरीके से शिक्षा और उनके साथ उचित व्यवहार भी नही किया जाता जिससे ऐसा प्रतीत होता है की ए क्लव्य विद्यालय में किसी भी प्रकार की जिला शिक्षा विभाग की ओर से मॉनिटरिंग ही नही है जिससे विद्यालय का माहोल बिलकुल खराब कर के रखा हुवा था सूत्रो से ज्ञात हुवा और छात्र और छात्राओ ने अपने पालकों को बताया की अतिथि शिक्षक और शिक्षिका के बीच ही क्लास रूप में इश्क बाजी जारी रहती थी और क्लास रूम में ही बच्चो के सामने ही एक दूसरे को इशारा करते रहते थे जिससे पूरे विद्यालय का माहोल दूषित करके रखा है जिसको लेकर कई बार छात्र और छात्राओ ने शिकायत की भी थी लेकिन कोई कार्यवाही नही शिक्षा विभाग के किसी भी अधिकारी की एक्लव्य विद्यालय में किसी भी प्रकार का निरीक्षण नही करते थे बस कमिसन का खेल चलता रहता था इससे पहले भी इस विद्यालय में छात्रों के बीच आपसी लड़ाई भी हुई थी जिसका जवाबदार शिक्षक पर छोटी मोटी कार्यवाही कर छोड़ देने से आज उसके भी बड़ी घटना हो गई जिसका जवाबदार शिक्षा विभाग है ।।इस घटना की शिकायत आदिवासी समाज और संगठन को महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग में भी भेजा जाना चाहिए जिससे इस घटना के दोषी शिक्षको और अधिकारियों और कर्मचारियों को आजाद नगर भाभरा से हटाए और जिससे भविष्य में ऐसी घटनाए आए ना हो सके और जिले भर के ऐसे आवासीय विद्यालयों और छात्रावासो और आश्रमों में निगरानी समिति बनाई जाए ताकि वो प्रत्येक सप्ताह इस आवसीय विधायकों की पढ़ाई लिखाई और अन्य समस्याओं को सुलझाने और शिक्षा को बेहरतर करने का प्रयास करे।।