अलीराजपुर संवाददाता
अलीराजपुर जिले की जिला पंचायत अंतर्गत आने वाली जनपद पंचायत की एक ऐसी पंचायत जिसमे बाप सरपंच और उसके सहायक सचिव बेटे के द्वारा पंचायतों में बनाए जाने वाले सभी तालाब खुद की जेसीबी और खुद के ट्रैक्टर लगाकर बनाए जाते है और उसकी सभी राशि खुद ही एयर टेल और स्पाइस मनी की सहायता से आहरित कर ली जाती है विशेष सूत्रो के हवाले से खबर है की ग्रामीणों के नाम पर फर्जी मस्टर भरकर दोनो बाप बेटे कई तालाबों की राशि खुद आहरित कर चुके है और जिनके द्वारा इसके घर में ही कई वाहनों का अंबार लग चुका है कई ग्रामीण आज तक मजदूरी के लिए इनके घर जाते भी है तो उनको एक दो हफ्ते ही मजदूरी देकर भगा दिया जाता है ।तीन गावों की यह पंचायत के एक गांव के कई मजदूरों की मजदूरी और कुवो और तालाबों पर काम करने वाले मजदूर आज भी उनके बैंक खाते में राशि आयेगी यही सोचकर बैंको के चक्कर लगा लगा कर थक कर गुजरात मजदूरी करने चले गए जो दो से पांच वर्षो तक गांव आए भी नही शादी ब्याह में आते है तो उनकी ekyc करने के बहाने सरपंच पुत्र सहायक सचिव उनके खाते से राशि आहरित कर लेता है और कई लोगो के जॉब कार्ड और आधार कार्ड भी पिता पुत्र अपने घर पर ही रखते है और राशि का आहरण कर लेते है जिला कलेक्टर को बीते10 सालो से एक ही जगह जमी पिता पुत्र की इस जोड़ी को अन्यत्र ट्रांसफर करना चाहिए ताकि ग्रामीणों को उनकी मजदूरी और मनरेगा के कामों में सही से रोजगार मिल सके ग्रामीण गरीब है और कमजोर है ।और इनकी तीनो पंचायतो में भारी दबंगई है ।जिसके कारण इनकी कोई भी ग्रामीण शिकायत नहीं करते और चुप चाप गुजरात चले जाते है ।।जिले के जनप्रतिनिधियों को भी इस पिता पुत्र के द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की जांच करवाना चाहिए साथ ही जोबट क्षेत्र की विधायिका श्रीमति सेना महेश पटेल को विशेष ध्यान देखकर बिना ग्राम के ग्रामीणों की शिकायत सुनना चाहिए कई ग्रामीणों के घरों की राशि कूवो और तालाब की मजदूरी की राशि का ग्राम कालियावाव सहायक मंत्री की तरह यहां भी भुगतान नहीं किया गया बारीकी की से जांच करवानी चाहिए और पिता पुत्र की इस जोड़ी के कारण गांव के कई ग्रामीणों कि मजदुरी राशि नही मिली जिसके लिए सहायक सचिव पुत्र का अन्यत्र स्थानांतरण कर देना चाहिए ताकि एक ही जगह सरपंच पिता और सहायक सचिव पुत्र भ्रष्टाचार नही कर सके ।।और कुछ दिनो पूर्व इन बाप बेटा की जोड़ी ने राजस्व और फॉरेस्ट की जमीन खोद कर नकली अवेध रूप से रेत का निर्माण का कारखाना भी खोला था।जिसकी कार्यवाही आज तक फॉरेस्ट विभाग और खनिज विभाग के अलावा जिला कलेक्टर कार्यालय से आज तक नही हुई और उस पूरे कांड में सब दूर से जिला पोती हो गई और खनिज और रेत मिट्टी माफिया आज भी रेत का निर्माण कर खुल्ले आम बेच रहे है ।