दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा जनपद क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में देश के महान माननीय प्रधानमंत्री जी के सपनो को साकार करने और देश में हर किसान को उनकी खेती के लिए पर्याप्त पानी गांव में ही मिल जाए इसके लिए दिन रात योजना बनाकर साथ ही गांव के ही मजदूर को गांव में ही रोजगार मिल सके इसके लिए किसी ना किसी पंचायत में तालाबों का निर्माण पंचायत स्तर पर किया जाता है ताकि गांव के मजदूरों को रोजगार मिलना तो दूर जनपद सीईओ इंजीनियर और सरपंच सचिव और सहायक सचिव की मिली भगत से रोजाना ग्राम पंचायतों में जेसीबी मशीनों से तालाबों का निर्माण किया जा रहा है और खूब कमिसन कमाया भी जा रहा है ।लेकिन जिला कलेक्टर डॉक्टर अभय बेडेकर जी की का इस और कभी ध्यान ही नही जाता की पंचायतों में मनरेगा के कामों में जेसीबी मशीनों का प्रयोग कर आदिवासी समाज के लोगो को रोजगार देने वाली योजनाओं में शासकीय अधिकारी और कर्मचारी की मिली भगत से लोगो को रोजगार नही देते हुवे जेसीबी मशीन संचालकों को रातों रात रोजगार दिया जा रहा है और शासन स्तर के निर्माणधीन तालाबों पर जेसीबी मशीन चलाकर तालाबों का निर्माण कर लिया जाता है और गांव के लोग सुबह नींद से जागते है तो गांव में तालाब बनकर तैयार हो जाता है जिसका सारा रूपया सरपंच सचिव सहायक सचिव और इंजीनियर और जनपद सीईओ बाट कर खा जाते है और ग्रामवासी बेरोजगार के बेरोजगार ।जिले भर के जनप्रतिनिधि तालाबों सड़को और पुल पुलियाओं का भूमि पूजन तो करते है अच्छी बात है उसके बाद उन निर्माण कामों से कितने लोगो को रोजगार मिला या कितने लोगो को रोजगार दिया कभी भी देखने तक नही जाते क्या जिले भर के जन प्रतिनिधियों का काम सिर्फ भूमि पूजन तक सीमित है या काम सही तरीके से किया जा रहा है या नही या मशीनों से काम तो नही किया जा रहा है लोगो को रोजगार मिला या नही मजदूरी सही मिली या नही कभी भी ज्ञात करने की कोशिश नही की।क्या जिलेभर के जनप्रतिनिधियों और नेताओ को भी लक्ष्मी जी से पूज दिया जाता है अधिकारियों कर्मचारियों और सरपंच सचिव और सहायक सचिवों द्वारा जिले भर के हर आदिवासी ग्रामीण की ओर से वॉइस ऑफ झाबुआ एक सवाल जनता के बीच छोड़ता है ।