दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा एक विरला गांव और इसकी विरली ही नगर परिषद जिसके अध्यक्ष और पार्षदों को अमर शहीद चंद्र शेखर आजाद के नाम आए करोड़ों रूपयो और नगर भर से उगाही किए गए रूपयो से कमिसन खाने की लालसा तो रहती है परन्तु अमर शहीद चंद्र शेखर आजाद कुटिया और स्मृति मंदिर यही है ऐसा साइन बोर्ड पूर्व एसडीएम अखिल राठौर ने बनवाकर आजाद कुटिया पर लगाया था

उसके बाद कई एसडीएम बदल गए लेकिन उनके जेसी काम करने की क्षमता अन्य एसडीएम में नही देखी देखी भी है तो आराम पसंदगी क्योंकि एसडीएम महोदय भाभरा निवासी ही नही करते तो उनको नगर में कुटिया में साइन बोर्ड चालू भी यह भी केसे ज्ञात होगा ।उसी प्रकार नगर में वार्ड पार्षद का घर समीप ही है लेकिन आज तक उनकी भी नजर नहीं पड़ी क्योंकि पार्षद महोदया तो घर पर ही रहती है उनके सुपुत्र को फुर्सत कहा जो बड़े बड़े बड़े कर चुनाव तो जीत गए लेकिन कुछ काम भी देश हित और जनता हित के लिए जाए ।

नगर परिषद अध्यक्ष को जब से पार्टी ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है उसी दिन से उनकी कार्यशैली ही बदल गई है आजाद कुटिया के दर्शन कब किए होंगे उनको भी पता नही होगा किए होते तो साइन बोर्ड पर कब से नगर पड़ जाती और हा अन्य पार्षद लोग तो सिर्फ आजाद के नाम पर मानदेय और कमिसन का हिस्सा मांगने नगर परिषद जाते है लेकिन जनता और देश हित में कुछ नही करते सब अपना अपना तामझाम जमाकर बैठे है उनको जनता की कुछ भी नही पड़ी जनता और देश भक्त की भी परवाह नही 15 अगस्त और 26 जनवरी और 23जुलाई और 27 फरवरी अपने कुर्ते पायजामे और बड़े बड़े कोट पहनकर देश भक्त होने का जो इन चोरों दिन ढोंग करते है वो कबीले तारीफ है उसके बाद कमिसन कहा से कितना मिलगेगा उसकी ही फिराक में रहते है ।कुछ दिनो बाद 27 फरवरी आने वाली है नगर परिषद सीएमओ साहब की भी जवाबदारी बनती है लेकिन वह भी जोबट भाभरा दो दो जगह का दायित्व होने से सही तरीके के काम नही कर पाते ।