दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
शिक्षा विभाग ने जिले के अब तक के सबसे बड़े घोटाले में लिप्त आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। मामले में 2018 से लेकर 2023 तक खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कट्ठीवाड़ा में पदस्थ रहे तत्कालीन तीन बीईओ व लेखापाल सहित छह आरोपी शामिल हैं। इस बहुचर्चित मामले की जांच कोष व लेखा विभाग ने की थी। जांच के बाद पुलिस को प्रतिवेदन दिया गया था। इसी आधार पर पुलिस ने एफआइआर दर्ज की है। बता दें कि कोष व लेखा विभाग ने गत अगस्त माह में खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कट्ठीवाड़ा (डीडीओ कोड 4902506054) के खाते से संदिग्ध खातों में भुगतान किए जाने का मामला पकड़ा था। इस पर संभागीय संयुक्त संचालक कोष व लेखा ने जांच के लिए दल भेजा था। जांच के दौरान हेराफेरी के आंकड़े देख दल के सदस्य भी हैरत में पड़ गए थे। जांच में सामने आया कि अप्रैल 2018 से लेकर जुलाई 2023 के बीच हेराफेरी की गई। तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी, लेखापाल व प्रभारी लेखापाल ने मिलकर विभाग के कर्मचारियों के स्वत्व की राशि रिश्तेदारों सहित अन्य के खाते में डाल दी तथा बाद में इस राशि का गबन कर लिया। जांच में 20 करोड़ 47 लाख 12 हजर 727 रुपये की अनियमितता सामने आई है। जांच के बाद मामला दर्ज करने के लिए कोष व लेखा विभाग ने पुलिस को प्रतिवेदन सौंपा था। पुलिस ने 420, 409 के तहत मामला दर्ज किया है। तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी मधुलाल परमार, अच्छेलाल प्रजापति, रामनारायण राठौर, लेखापाल मोइनुद्दीन शेख, प्रभारी लेखापाल कमल राठौड़, रमेशचंद्र बघेल। इससे पहले उदयगढ़ में सामने आया था 16 करोड़ का गबन बता दें कि जिले में इससे पहले उदयगढ़ में 16 करोड़ रुपये का गबन सामने आया था। यहां खंड शिक्षा कार्यालय में वर्ष 2011 से वर्ष 2017 तक पदस्थ रहे सात खंड शिक्षा अधिकारी, दो लेखापाल, सहायक ग्रेड 2, मंडल संयोजक व केंद्राध्यक्ष पद पर रहे कर्मचारी सहित उप कोषालय जोबट के प्रभारी अधिकारी ने विभिन्न शासकीय मद छात्रवृत्ति, शिष्यावृत्ति, पेंशन, मृत्यु दावा, निर्माण आदि के गलत देयक प्रस्तुत कर करोड़ों रुपये का गबन किया था। मामले में लंबी जांच के बाद पुलिस ने आरोपितों पर शिकंजा कसा था।