सुरेश परिहार सारंगी।
अभी बुवाई का समय चल रहा है और सभी किसान गेहूं,चनें की बोवनी के लिए किसानों को पानी की आवश्यकता है लेकिन माहीं केनाल विभाग के लापरवाह अधिकारियों के कारण पानी के लिए तरसना पड़ रहा है ।किसानों ने पानी के लिए आज मोहनपुरा फटा मेंन नहर के आगे लगें वाल पर धरना दिया , उसके बाद माही केनाल प्रशासन से बात हुई और खोलने का आश्वासन दिया पर किसान अभी खुलवाने पर डटे रहे तो अधिकारी ने आक्रोश को देखते हुए नहर चालू करवाई और छोटी नगर में पानी छोड़ा, जबकि 8 नवंबर से ही मैंन नहर खोल दी गई थी ,
लेकिन समय पर पानी नहीं दिया और 15 दिन बाद में आंदोलन के बाद पानी दिया गया ,जब हम गेहूं की बुवाई करेंगे फसले पक के तैयार होगी ओर आखरी में एक पानी की कमी के कारण माही के अधिकारियों द्वारा आखरी समय में नहर बंद कर दी जाती है जिससे एक पानी की कमी के चलते गेहूं बारीक रह जाते हैं जब किसान सोसाइटी या व्यापारी के पास गेहूं बेचने जाता है तब किसान को उचित मूल्य नहीं मिल पाता है किसानों को आधा रेट मिलता है । 3 वर्षों से जल उपभोक्ता समितियां के चुनाव नहीं हुए हैं और नहर का संचालन माही नहर के अधिकारियों के के मन मर्जी के ऊपर रहता है और अधिकारियों की मनमानी के तहत नहर का संचालन किया जाता है जल उपभोक्ता समिति के चुनाव नहीं होने के कारण व्यवस्था गड़बड़ा रही है उपस्थित किसोनो ने बताया कि नहर का संचालन व्यवस्थित ढंग से नहीं होता है तो किसान बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे है जिसकी समस्त जवाबदारी माही प्रशासन के अधिकारियों की रहेगी, में इस अवसर पर जल उपभोक्ता संस्था के पूर्व अध्यक्ष अग्निनारायण सिंह राठौर, हर्षवर्धन सिंह राठौर , जनपद सदस्य रजनीश पाटीदार, जगदीश निनामा , नरसिंह डामर, मांगीलाल पाटीदार आदि कई किसानों गण उपस्थित रहे